April 21, 2019
  • April 21, 2019
बोरॉन

बोरॉन एवं इसके यौगिक

By on March 30, 2019 0 117 Views

बोरॉन (Boron)

यह आवर्त सारणी के p-ब्लॉक के 13 वें वर्ग का प्रथम तत्व है। इसमें  d- कक्षक अनुपस्थित होता है। इसके कारण इसकी अधिकतम संयोजकता 4 हो सकती है। इसी कारण से बोरोन BF63- नहीं बना सकता।

बोरॉन

बोरॉन प्रकृति में संयुक्त अवस्था में निम्न यौगिकों के रूप में पाया जाता है-

  • बोरिक अम्ल (boric acid)

इसका सूत्र H3BO3 होता है। इसका IUPAC नाम ट्राइहाइड्रोऑक्सीडोबोरोन  (Trihydrooxidoboron) होता है। सामान्यता यह ज्वालामुखी वाष्प में पाया जाता है।

  • बोरेक्स(borax)

इसका सूत्र Na2[B4O5(OH)4]·8H2O / Na2B4O7·10H2O होता है। इसका IUPAC नाम सोडियम ट्रेटाबोरेट डेका हाइड्रेट (Sodium tetraborate decahydrate) होता है। इसे टिंकल (tincal) या सुहागा भी कहते है।

  • कोलमैनाइट(colemanite)

इसका सूत्र  Ca2B6O. 5H2O)  / (CaB3O4(OH) H2O) होता है।

  • बोरोकैल्साइट(borocalcite)

इसका सूत्र CaB4O11.5H2O

  • बोरेसाइट(boracite)

इसका सूत्र  Mg3B7O13Cl / 2Mg3B8O11.MgCl2 होता है।

 

बोरॉन की प्राप्ति (Isolation of Boron)

यहाँ पर बोरॉन को प्राप्त करने की तीन विधियों का वर्णन है-

  1. बोरेक्स से
  2. पोटैशियम फ्लुओबोरेट से
  3. बोरॉन ट्राई ब्रोमाइड से

 

(1) बोरेक्स से बोरॉन की प्राप्ति

बोरेक्स खनिज से बोरॉन निम्न चरणों में प्राप्त किया जाता हैं-

(अ) बोरेक्स से बोरिक एनहाइड्राइड प्राप्त करना

सर्वप्रथम बोरेक्स की गर्म सान्द्र हाइड्रोक्लोरिन अम्ल के साथ अभिक्रिया कराई जाती है। जिसके फलस्वरूप अल्प विलेय बोरिक अम्ल बनता है, जिसे तेज गर्म करने पर बोरिक एनहाइड्राइड प्राप्त होता है।

Na2B4O7 + 2HCl → 2NaCl + H2B4O7

H2B4O7 + 5H2O → 4H3BO3

तेज गर्म करने पर

2H3BO3 B2O3 + 3H2O

 

(ब) बोरिक ऐनहाइड्राइड का अपचयन

(i) बोरिक ऐनहाइड्राइड को लोहे की नली में पोटैशियम के साथ गर्म करने पर बोरॉन प्राप्त होता है।

B2O3 + 6K 2B + 3K2O

यह विधि गे-लुसाक द्वारा दी गई थी।इस प्रकार प्राप्त बोरॉन अक्रिस्टलीय (amorphous)होता है।

 

(ii) बोरिक ऐनहाइड्राइड को मैग्नीशियम के साथ गर्म करने पर भी बोरॉन प्राप्त होता है।

B2O3 + 3Mg → 2B + 3MgO

इस प्रकार प्राप्त बोरॉन को हाइड्रोफ्लूओरिक अम्ल के साथ क्रिया करा कर शुद्ध बोरॉन प्राप्त किया जाता है।

(2) पोटैशियम फ्लुओबोरेट से बोरॉन की प्राप्ति

पोटैशियम फ्लुओबोरेट को पोटैशियम या मैग्नीशियम के साथ गर्म करने पर बोरॉन प्राप्त होता है।

2KBF4 + 3Mg → 2B + 2KF + 3MgF2

KBF4 + 3K → B + 4KF

 

(3) बोरॉन ट्राई ब्रोमाइड से बोरॉन की प्राप्ति

बोरॉन ट्राई ब्रोमाइड और हाइड्रोजन के मिश्रण का विद्युत अपघटन केने गर्म टंग्स्टन धातु के तन्तु पर प्रवाहित करने पर शुद्ध क्रिस्टलीय बोरॉन प्राप्त होता है।

2BBR3 + 3H2 → 2B + 6HBr (at 1500K)

बोरॉन के भौतिक गुण (Physical properties of Boron)

  • बोरॉन दो अपररूपों अक्रिस्टलीय तथा क्रिस्टलीय में पाया जाता है। अक्रिस्टलीय बोरॉन भूरे पाउडर के रूप में होता है। जबकि क्रिस्टलीय बोरॉन या तो रंगहीन होता है या भूरा होता है।
  • अक्रिस्टलीय बोरॉन का घनत्व 2.45 तथा क्रिस्टलीय बोरॉन का घनत्व 3.3 होता है। तथा इसका 2573K होता है।

 

बोरॉन के रासायनिक गुण (Chemical properties of Boron)

(i) ज्वलनशीलता (Flammability)

वायु की उपस्थिति में यह 973K ताप पर ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन से क्रिया करके यह क्रमश बोरॉन ट्राईआक्साइड तथा बोरॉन नाइट्राइड बनता है।

4B +3O2 → 2B2O3

2B + N2 → 2BN

(ii) अपचायक गुण (Reducing properties)

बोरॉन एक प्रबल अपचायक पदार्थ (reducing agent) है। यह सिलिका को सिलिकन में तथा कार्बनडाइआक्साइड को कार्बन में अपचित कर देता है।

3SiO2 + 4B → 2B2O3 + 3Si

3CO2 + 4B → 2B2O3 + 3C

 

(iii) हैलोजेनों के साथ अभिक्रिया (Reaction with halogones)

Boron को हेलोजनों के साथ गर्म करने पर यह ट्राई हेलाइड बनाता है।

3F2 + 2B  → 2BF3

3Cl2 + 2B → 2BCl3

3Br2 + 2B→ 2BBr3

 

(iv) अम्लों के साथ अभिक्रिया (Reaction with acids)

सान्द्र नाइट्रिक अम्ल तथा सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ क्रिया करने पर इसका बोरिक अम्ल में आक्सीकरण हो जाता है।

2B + 3H2SO4 → 2H3BO3 + 3SO2

B + 2HNO3 → H3BO3 + 3NO2

 

NOTE – बोरॉन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ क्रिया नहीं करता है। क्रिस्टलीय बोरॉन , अम्लों के साथ क्रिया नहीं करता है।

 

(v) क्षारों के साथ अभिक्रिया (Reaction with bases)

संगलित (Collated) क्षारों में बोरॉन घुल जाता है तथा हाइड्रोजन मुक्त करता है।

2B + 6NaOH → 2Na3BO3 + 3H2

2B + 6KOH → 2K3BO3 + 3H2

 

(vi) धातुओं के साथ अभिक्रिया (Reaction with metals)

विद्युत् भट्टी में उच्च ताप पर बोरॉन धातुओं से अभिक्रिया कर बोराइड बनाता है।ये बोराइड अत्यधिक कठोर पदार्थ होता है।

3Mg + 2B Mg3B2

3Be + 2B  Be3B2

ये बोराइड अम्लों के साथ अभिक्रिया कर के बोरॉन हाइड्राइड बनाते हैं।

Mg3B2 + 6HCl 3MgCl2 + B2H6

Be3B2 + 6HCl 3BeCl2 + B2H6

 

NOTE – Cu, Ag और Au से उपरोक्त अभिक्रियाएँ नहीं होती।

बोरॉन के उपयोग (Uses of Boron)

(i) बोरॉन का प्रमुख उपयोग बोरोसिलिकेट के रूप में इनेमिल और कांच उद्धोग में किया जाता है।

(ii) इसका उपयोग इस्पात को कठोर बनाने में करते हैं।

(iii) इसके समस्थानिक 105B का उपयोग नाभिकीय रियेक्टर में नियन्त्रण छड़ों के रूप में किया जाता है।

 

(iv) बोरोन तन्तुओं का उपयोग हल्के वजन वाले अवयवों के रूप में किया जाता है।

बोरॉन के कुछ महत्वपूर्ण यौगिक (Some important compounds of boron)

बोरेक्स (Borax)

इसका सूत्र Na2B4O7.10H2O है। इसको सुहागा या टिंकल के नाम से भी जाना जाता है।

इसका रासायनिक नाम सोडियम टेट्रा बोरेक्स, सोडियम बाई बोरेट अथवा सोडियम पायरोबोरेक्स है।

बोरेक्स को बनाने की विधि (Method of making borax)

कोलमैनाइट (colemanite) को सोडियम कार्बोनेट के सान्द्र विलयन के साथ उबलने पर बोरेक्स प्राप्त होता है।

Ca2B6O11 + 2Na2CO3 → Na2B4O7 + 2NaBO2 + 2CaCO3

उपरोक्त विलयन को छान कर उसका क्रिस्टलीयकरण करने पर बोरेक्स के क्रिस्टल प्राप्त होते हैं ।

बोरेक्स के गुण (Properties of borax)

बोरेक्स सफेद क्रिस्टलीय ठोस है। यह जल में विलेय है। इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है।

Na2B4O7 + 7H2O 4H3BO3 + 2NaOH

बोरेक्स को गर्म करने पर यह जल निकलकर फुल जाता है इसे ओर अधिक गर्म करके ठंडा करने पर यह काँच के समान पारदर्शी ठोस बना लेता है जिसे मनका (Bead) कहते है

बोरेक्स के उपयोग (Uses of borax)

(i) धातुकर्म में गालक के रूप में इसे प्रयुक्त किया जाता है।

(ii) पाइरेक्स कांच, इनेमल, साबुन एंव मोमबती उद्योग में इसका उपयोग किया जाता है।

(iii) कागज एंव सिरेमिक की वस्तुओं को ग्लेज करने में इसका प्रयोग करते है।

(iv) चमडा उद्धोग में खोल को साफ़ करने एंव चमड़े की रंगाई में काम आता है।

(v) बोरेक्स मनका परीक्षण (Borax bead test) द्वारा धनायनों के परिक्षण में बोरेक्स का उपयोग किया जाता है।

जैसे बोरेक्स को कोबाल्ट ऑक्साइड (CoO) के साथ गर्म करने पर नीले रंग का मनका [Co(BO2)2] बनता है।

 

बोरिक अम्ल (Boric acid)

इसका सूत्र H3BO3 होता है। इसका रसायनिक नाम ट्राइहाइड्रोऑक्सीडोबोरोन होता है। ये सफ़ेद चिकने मुलायम तथा सुई जैसी आकृति के होते है।

बोरिक अम्ल को बनाने की विधियाँ (Methods of making boric acid)

(i) कोलमैनाइट को उबलते हुए जल में डाल कर सल्फर डाई ऑक्साइड गैस प्रवाहित करके बोरिक अम्ल प्राप्त किया जाता है।

Ca2B6O11 + 2SO2 + 9H2O 6H3BO3 + 2CaSO3

 

(ii) बोरेक्स के जलीय विलयन को गर्म करके अम्ल के साथ क्रिया करवाने के पश्चात विलयन को ठन्डा करने पर बोरिक अम्ल के क्रिस्टल प्राप्त होते है।

Na2B4O7 + H2SO4 + 5H2O → 4H3BO3 + Na2SO4

Na2B4O7 + 2HCl+ 5H2O → 4H3BO3 + 2NaCl

 

बोरिक अम्ल के गुण (Properties of Boric Acid)

(i) यह ठंडे जल में अल्प विलेय है। गर्म जल में विलेय है।

(ii) बोरिक अम्ल की परतीय संरचना होती है, इसे BO3 की इकाइयाँ हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़ी होती है।

(iii) गर्म करने पर बोरिक अम्ल अलग- अलग ताप पर अपघटित हो कर भिन्न-भिन्न यौगिक देता है।

H3BO3 → HBO2 → H2B4O6 → B2O3

यौगिक रासायनिक नाम
H3BO आर्थो बोरिक्स अम्ल
HBO2 मेटाबोरिक्स अम्ल
H2B4O6 टेट्रा बारिकअम्ल
B2O3 बोरिक ऐनहाइड्राइड

 

 

बोरिक अम्ल के उपयोग (Uses of Boric acid)

(i) पुर्तिरोधी (antiseptic) के रूप में इसका जलीय विलयन आँखे धोने के नाम में आता है।

(ii) पुर्तिरोधी (antiseptic) होने के कारण इसके पाउडर को घावों के ऊपर छिड़का जाता है।

(iii) इनेमल और पॉटरी की ग्लेज बनाने में प्रयुक्त किया जाता है।

(iv) खाघ वस्तुओं के संरक्षण में भी इसका उपयोग करते हैं ।

(v) कांच उद्योग में भी इसका उपयोग किया जाता है।

 

 

बोरॉन हाइड्राइड (Boron hydride)

जब मैग्नीशियम बोराइड (Mg3B2) की अभिक्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल या फास्फोरिक अम्ल के साथ कराई जाती है, तो गैसों का मिश्रण प्राप्त होता है जिसमें कई प्रकार के बोरॉन हाइड्राइड जैसे-

डाइबोरेन B2H6
टेट्राबोरेन B4H10
पेंटहाइड्रोबोरेन B5H11
हेक्सा बोरेन B6H10

 

द्रव वायु की उपस्थिति में इन गैसों को ठंडा करने पर डाइबोरेन को छोड़ कर शेष गैसें भिन्न-भिन्न ताप पर संघनित हो जाती हैं।

 

डाइबोरेन (B2H6) को टेट्राबोरेन (B4H10) के अपघटन द्वारा प्राप्त किया जाता है।

 

औद्योगिक रूप से डाइबोरेन (B2H6) को बोरोन ट्राई फ्लोराइड (BF3) तथा सोडियम हाइड्राइड (NaH) से क्रिया करवा कर प्राप्त किया जाता है।

6NaH + 2BF3 → B2H6 + 6NaF

 

बोरॉन हाइड्राइड के उपयोग (Uses of Boron hydride)

(i) उच्च उर्जा ईधन के रूप में, क्योंकि बोरॉन हाइड्राइड वायु के सम्पर्क में आने पर स्वयं जलने लगते है।

B2H6 + 3O2 → B2O3 + 3H20 + ऊर्जा (-1976kJ mol-1)

 

(ii) बोरॉन हाइड्राइड सरलता से हाइड्रोजन देते है अत: अच्छे अपचायक हैं।

(iii) शुद्ध बोरॉन प्राप्त करने में उनका प्रयोग किया जाता है।

 

बोरॉन हैलाइड (Boron Halide)

आयोडीन को छोड़ कर सभी हैलोजन तत्व बोरॉन से सीधे संयोग करके बोरोन ट्राई हैलाइड बनाते है। जैसे-

2B + 3X2 → 2BX3

बोरॉन ट्राई फ्लुओराइड (Boron trifluoride, BF3)

बोरिक ऐनहाइड्राइड को कैल्सियम फ्लूओरइड और सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर बोरॉन ट्राईफ्लूओरइड प्राप्त होता है।

B2O3 + 3CaF2 + 3H2SO4 → 2BF3 + 3CaSO4 + 3H2O

 

बोरॉन ट्राईक्लोराइड (Boron trichloride, BCl3)

बोरिक ऐनहाइड्राइड ओर कार्बन के मिश्रण को क्लोरिन के साथ गर्म करने पर BCl3 बनता है।

B2O3 + 3C + 2Cl2 → 2BCl3 + 3CO

बोरॉन ट्राईब्रोमाइड (Boron tribromide, BBr3)

बोरिक ऐनहाइड्राइड और कार्बन के मिश्रण को ब्रोमीन वाष्प की उपस्थिति में गर्म करने पर BBr3 बनता है।

B2O3 + 3C + 2Br2 → 2BBr3 + 3CO

 

बोरॉन ट्राईआयोडाइड (Boron triiodide, BI3)

शुद्ध बोरॉन आयोडीन के साथ क्रिया नहीं करता है, परन्तु अशुद्ध अक्रिस्टलीय बोरॉन शुष्क हाइड्रोआयोडिक अम्ल के साथ गर्म करने पर बोरॉन ट्राईआयोडाइड (BI3) बनता है।

2B + 6HI → 2BI3 + 3H2

बोरॉन ट्राईफ्लूओरइड के अलावा सभी बोरोन ट्राईहैलाइड जल में घोलने पर जल अपघटित हो जाते हैं।

BCl3 + 3H2O → H3BO3 + 3HCl

 

बोरॉन हैलाइड के उपयोग (Uses of Boron Halide)

बोरॉन हैलाइड (बोरॉन ट्राईफ्लुओराइड) कार्बनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरक के रूप में काम आता हैं।


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