जीवविज्ञान

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  1. जीवविज्ञान की शाखाओं के जनक (Father of biology branches)
  2. कोशिका का सामान्य परिचय संरचना तथा प्रकार (General introduction structure and type of cell)
  3. कोशिका सिद्धांत (cell theory)
  4. कोशिका भित्ति एवं कोशिका झिल्ली (Cell wall and cell membrane)
  5. कोशिका झिल्ली (cell membrane)
  6. जीवद्रव्य की प्रकृति के बारे में विभिन्न सिद्धांत (Various theories about the nature of organisms)
  7. जीवद्रव्य सामान्य परिचय एवं प्रकृति (Biology General Introduction and Nature)
  8. लवक- अवर्णीलवक, वर्णीलवक तथा हरितलवक (Plastid – Leucoplast, Chromoplast and Chloroplast)
  9. माइटोकॉन्ड्रिया की खोज, संरचना तथा कार्य (Discovery, structure and function of mitochondria)
  10. अन्तः प्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum)
  11. गॉल्जी काय की संरचना तथा कार्य (Golgi work structure and functions)
  12. लाइसोसोम का निर्माण तथा कार्य (Formation and functions of Lysosome)
  13. सुक्ष्मकाय- परऑक्सिसोम ग्लाइऑक्सीसॉम्स स्फेरोसोम
  14. राइबोसोम की सरंचना एवं प्रकार (Microbodies-peroxisome glyoxysomes spherosomes)
  15. केन्द्रक और केन्द्रिका की सरंचना, आकार एवं कार्य (Structure, size and function of nucleus and nucleolus)
  16. कोशिका चक्र एवं चेकपॉइंट द्वारा इसका नियमन (Cell Cycle and Check Points)
  17. कोशिका विभाजन – असुत्री, समसुत्री, तथा अर्धसुत्री (Cell division – Amitosis, mitosis, and meiosis)
  18. प्रतिरक्षा तंत्र की कोशिकाएं (Cells of Immune system)
  19. प्रतिरक्षा तंत्र के अंग (Organs of Immune System)
  20. एड्स तथा एचआईवी (AIDS and HIV)
  21. प्रतिरक्षी एंटीबॉडी की संरचना एवं कार्य (The structure and function of antibody)
  22. डीएनए की संरचना, रासायनिक प्रकृति, भौतिक प्रकृति तथा प्रकार (Structure, chemical nature, physical nature and type of DNA)
  23. डीएनए की संरचना, डीएनए की प्रतिकृति एवं अनुलेखन (DNA structure, DNA replication and transcription)
  24. आरएनए की संरचना, प्रकार तथा उनके कार्य (The structure, types and functions of RNA)
  25. DNA प्रतिकृति (DNA replication)
  26. अनुलेखन की क्रियाविधी (Process of transcription)
  27. पश्च अनुलेखन रूपान्तरण (Post-transcription modifications)
  28. आनुवंशिक कोड (Genetic code)
  29. अनुवादन, रूपांतरण या प्रोटीन संश्लेषण (Translation or protein synthesis)
  30. पीसीआर (पोलीमरेज श्रृंखला अभिक्रिया, polymerase chain reaction)
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द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना

द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना

द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot and Monocot Root Hindi) द्विबीजपत्री मूल की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot Root) द्वि बीजपत्री जड़ में निम्नलिखित भाग दिखाई देते हैं- मूलीय त्वचा (Epiblema) यह सबसे बाहरी एकल स्तरीय, अंतर कोशिकीय स्थल विहीन कोशिका की परत है। ...

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मानव का A, B, AB तथा O रक्त समूह तथा आरएच प्रतिजन

मानव का A, B, AB तथा O रक्त समूह तथा आरएच प्रतिजन

मानव का A, B, AB तथा O रक्त समूह मानव के रक्त समूह का वर्गीकरण आरबीसी पर पाए जाने वाले प्रतिजन के आधार पर किया जाता है। इनका वर्गीकरण सर्वप्रथम लैंडस्टीनर (Landsteiner) के द्वारा किया गया। रक्त समूह चार प्रकार का होता है- A रक्त समूह (A Blood Group) आरबीसी पर A प्रतिजन (Antigen) तथा रक्त प्लाज्मा में B ...

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एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना

एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना

एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना (Anatomy of Monocot and Dicot Stem) एकबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Monocot Stem) बाह्यत्वचा (Epidermis) यह स्तंभ की सबसे बाहरी परत है। यह एकल स्तरीय होती है। जिस पर क्यूटिकल का आवरण पाया जाता है। बाह्यत्वचा पर कहीं-कहीं पर रंध्र पाए ...

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पादप हॉर्मोन या पादप वृद्धि नियामक

पादप हॉर्मोन या पादप वृद्धि नियामक

पादप हॉर्मोन (Plant Hormone) या पादप वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulator) वे कार्बनिक पदार्थ (Organic Substances) जो पादपों में एक भाग से दूसरे भाग में स्थानांतरित होकर पादप की वृद्धि को प्रभावित करते हैं, पादप हॉर्मोन या पादप वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulator) कहलाते हैं। जैसे ऑक्सिन (Auxin), जिब्बरेलिन ...

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भोजन के पाचन की क्रियाविधि

भोजन के पाचन की क्रियाविधि

भोजन के पाचन की क्रियाविधि भोजन के पाचन में भोजन के घटकों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में बदला जाता है। कार्बोहाइड्रेट का पाचन (Digestion of Carbohydrate) कार्बोहाइड्रेट के पाचन की शरुआत मुखगुहा से हो जाती है। लार के एंजाइम Amylases पॉलीसेकैराइड कार्बोहाइड्रेटस को डाइसेकैराइड में बदलता है। तथा अन्य ...

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गुणसूत्र की संरचना, आकृति, रासायनिक संगठन  एवं प्रकार

गुणसूत्र की संरचना, आकृति, रासायनिक संगठन  एवं प्रकार

गुणसूत्र (Chromosome), कोशिका के केन्द्रक (Nucleus) में सूक्ष्म सूत्र जैसा भाग है जो वंशागति के लिए आवश्यक है। गुणसूत्र की संरचना इनकी संरचना में निम्न भाग दिखाई देते है- अर्धगुणसूत्र या क्रोमेटिड (Chromatid) कोशिका विभाजन की मेटाफेज (Metaphase) में गुण सूत्र के दो लंबवत भाग एक ही गुणसूत्रबिंदु से जुड़े हुए दिखाई ...

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पादप जल सम्बन्ध एवं परासरण

पादप जल सम्बन्ध एवं परासरण

पादप जल सम्बन्ध एवं परासरण विसरण (Diffusion) किसी पदार्थ के अणुओं का अपनी उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गमन करना विसरण कहलाता है। जैसे- अमोनिया की खुली बोतल को किसी कमरे में रखने पर अमोनिया की गंद का पूरे कमरे में फैल जाना, परफ्यूम छिड़कने पर परफ्यूम का पूरे कमरे में फैल जाना, पानी से भरे गिलास में ...

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जनन – अलैंगिक तथा लैंगिक जनन

जनन – अलैंगिक तथा लैंगिक जनन

जनन(Reproduction) प्रत्येक जीव में अपने समान नई जीव संतति उत्पन्न करने को जनन कहते है। जनन क्यों आवश्यक है?  जनन के द्वारा जीव अपनी संख्या में वृद्धि करता है जिससे उसकी पीढियों में निरन्तरता बनी रहती है जनन जीव का अस्तित्व बनाए रखने में आवश्यक है क्योंकि  किसी जीव की मृत्यु होने पर भी जनन के कारण उसकी जाति का ...

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मानव का उत्सर्जन तंत्र

मानव का उत्सर्जन तंत्र

मानव का उत्सर्जन तंत्र एवं उत्सर्जन क्रियाविधि शरीर की उपापचयी क्रियायों द्वारा निर्मित नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थो को शरीर से बाहर निकालने की क्रिया को उत्सर्जन (Excretion) कहते हैं। कोशिकाओं में प्रोटीन व एमिनो अम्लों के अपघटन से अमोनिया (NH3) उत्पन्न होती है, जो शरीर के लिए अत्यंत विषैली और हानिकारक होती है। इसलिए ...