आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

अनुवादन, रूपांतरण या प्रोटीन संश्लेषण – (Translation in Hindi )

Hello Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है अनुवादन, रूपांतरण, प्रोटीन संश्लेषण - (Translation in Hindi ) अनुवादन (Translation) अनुवादन वह प्रक्रिया है। जिसमें mRNA पर उपस्थित जेनेटिक कोड का उपयोग करके प्रोटीन का निर्माण किया जाता है। अनुवादन की प्रक्रिया अंतः प्रद्रव्यी जलिका (Endoplasmic Reticulum) पर उपस्थित Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

पीसीआर: पोलीमरेज श्रृंखला अभिक्रिया Polymerase Chain Reaction PCR

Hello Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है पीसीआर: पोलीमरेज श्रृंखला अभिक्रिया (Polymerase Chain Reaction) । इसमें हम पीसीआर (PCR in Hindi. पीसीआर इन हिंदी) का बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करेंगे। पीसीआर: पोलीमरेज श्रृंखला अभिक्रिया (Polymerase Chain Reaction) कैरी मुलिस द्वारा पीसीआर का उपयोग 1983 में किया Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

आनुवंशिक कोड (Genetic Code in Hindi)

Hello Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है - आनुवंशिक कोड (Genetic Code in Hindi) आनुवंशिक कोड (Genetic Code):- आनुवंशिक कोड (Genetic Code) की खोज Nirenberg, Mathai, H.G. Khurana तथा Robert Hali ने की तथा Genetic code शब्द George Gamow ने दिया। RNA में उपस्थित आनुवंशिक सूचनाओं (Genetic Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

अनुलेखन की क्रियाविधी (Transcription in Hindi)

Hello Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है- अनुलेखन (Transcription in Hindi) अनुलेखन (Transcription) प्रोटीन के निर्माण के लिए डीएनए पर विशिष्ट अनुक्रम (Specific Sequence) पाए जाते हैं। प्रोटीन के निर्माण के लिए आरएनए की आवश्यकता होती है। अतः DNA को टेम्पलेट (Templet) के रूप में उपयोग करके Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

पश्च अनुलेखन रूपान्तरण (Post-Transcription Modification)

Hey Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है पश्च अनुलेखन रूपान्तरण (Post-Transcription Modification) पश्च अनुलेखन रूपान्तरण (Post-Transcription Modification) Prokaryote में,अनुलेखन (Transcription) और अनुवादन (Translation) की प्रकिया दोनों एक ही समय में पूरी होती हैं। अनुलेखन (Transcription) होने से पहले ही अनुवादन (Translation) प्रारंभ हो जाता है। यूकेरियोट्स में, Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

DNA प्रतिकृति (DNA Replication in Hindi)

Hey Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है, DNA प्रतिकृति (DNA Replication in Hindi) डीएनए प्रतिकृति भी Central Dogma एक भाग है। DNA प्रतिकृति (DNA Replication in Hindi) डीएनए के द्वारा अपने समान नया डीएनए बनाने की प्रक्रिया को डीएनए प्रतिकृति कहते है। DNA की प्रतिकृति चरणों में Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

आरएनए की संरचना, प्रकार तथा उनके कार्य (RNA)

Hey Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है तीन प्रकार के RNA एवं उनका कार्य , 3 types of rna and their functions    RNA का पूरा नाम राईबोज न्यूक्लिक अम्ल होता (Ribose Nucleic Acid ) है। यह एकल पॉलीराईबोन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला (Single Polyribonucleotide Chain) का बना होता है। Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

डीएनए की संरचना, रासायनिक प्रकृति, भौतिक प्रकृति तथा प्रकार

Hey Biology lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है। डीएनए की संरचना जिसमें हम डीएनए की रासायनिक प्रकृति तथा भौतिक प्रकृति की जानकारी प्राप्त करेंगे। डीएनए की संरचना का परिचय (Introduction):- एक कोशिका में केंद्रक (Nucleus) होता है, न्यूक्लिअस में गुणसूत्र Choromosome पाये जाते हैं जिनमें जीन होते हैं, जीन Read more…

By hamidali, ago
आण्विक जीव विज्ञान (Molecular Biology)

डीएनए की संरचना (structure), डीएनए की प्रतिकृति (Replication) एव अनुलेखन (Transcription)

Hey Biology lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है डीएनए की सरंचना जिसमें हम डीएनए की रासायनिक प्रकृति तथा भौतिक प्रकृति की जानकारी प्राप्त करेगे ।

डीएनए की रासायनिक प्रकृति
DNA एक बहुलक है जो  पॉलीन्यूक्लियोटाइड की दो श्रंखलाओ का बना होता है  है पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रंखलाओ न्यूक्लियोटाइड इकाइयों से मिलकर बनी है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड की तीन उप इकाइयाँ होती है।

1. पेन्टोस शर्करा (5कार्बन शर्करा)-

यह 5C युक्त कार्बोहायड्रेट है इसे डिऑक्सीराइबोज शर्करा भी कहते हैं। क्योंकी राइबोज शर्करा के दुसरे कार्बन पर -OH (हाइड्रोक्सिल) की जगह पर केवल -H (हाइड्रोजन) पाया जाता है। इसको 2' डिऑक्सीराइबोज शर्करा भी कह सकते है

2. नाइट्रोजनी क्षारक (क्षार)-

ये दो प्रकार के होते है

A) प्यूरीन क्षार

ये नाइट्रोजन युक्त दो वलय से बनी होती है जिनमें एक हेक्सा वलय जिसे पाइरिमिडीन वलय तथा दूसरी वलय पेण्टा वलय होती है जिसे इमीडीजोल वलय कहते है  ऐडेनीन (A) तथा ग्वानीन (G) प्यूरीन क्षार के अंतर्गत आते है

B) पाइरिमिडीन क्षार

इनमें केवल एक वलय हेक्सा वलय (पाइरिमिडीन वलय ) पायी जाती है  इसमें  थाइमीन (T), साइटोसीन (C), तथा युरेसिल (U) सम्मिलित है।

फॉस्फेट समूह (PO4 )- जो H3PO4 से प्राप्त होता है।

एक क्षार और शर्करा मिलकर एक न्यूक्लियोसाइड का निर्माण करते हैं, एक फॉस्फेट समूह के इसके साथ संयुक्त हो जाने से यह एक न्यूक्लिओटाइड बन जाता है।
Nitrogen Base + Pentose Sugar – Nucleoside
Ex. - Deoxyaenosine, Deoxyguanosine, Deoxycytidine, uridine, Deoxythymidine
Nitrogen Base + Pentose Sugar + Phosphate Group –Nucleotide
Ex. - Deoxyadenylate, Deoxyguanylate, Deoxycytidylate, Deoxythymidylate

DNA की भौतिक संरचना-
DNA अणु त्रिविमीय होता है और दो तंतुओं से बना होता है जोकि एक दूसरे के चारों ओर कुंडलित होते हैं। फ्रैंकलिन और विल्किन्स ने DNA के X किरण विवर्तन के अध्ययन से यह दर्शाया है कि DNA द्विकुंडिलत होता है। 1953 में जेम्स वाटसन व फैंसिस क्रिक को DNA की संरचना की खोज करने के लिये नोबेल पुरस्कार दिया गया। वाटसन और क्रिक मॉडल के अनुसार-

  1. DNA अणु दो कुंडलियों (DOUBLE HELIX ) से निर्मित हैं जिसमें DNA के दो तंतु होते हैं। दोनों तंतु प्रतिसमांतर रूप में रहते हैं जिसका आशय यह हुआ कि एक तंतु में न्यूक्लियोटाइड का अनुक्रम 5’ से 3’ की दिशा में और दूसरे तंतु में 3’ से 5’ की दिशा में होता है। (3’ व 5’ का आशय उन कार्बन परमाणुओं से है जिससे फॉस्फेट समूह जुड़े रहते हैं।)
  2. कुण्डली का आधार शर्करा फॉस्फेट से निर्मित होता है और नाइट्रोजनी क्षारक शर्करा से सहलग्न होते हैं।
  3. दोनों तंतुओं के क्षारक हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़े होते हैं।
  4. शार्गपफ़ के नियमानुसार क्षारक युग्मन अति विशिष्ट होता है। एक एडेनीन (ADENINE) प्यूरीन क्षारक सदैव थाइमीन (THYMINE) - पिरिमिडीन क्षारक के साथ युग्मित होता है। प्यूरीन क्षारक ग्वानीन (GUANINE) - पिरिमिडीन क्षारक, साइटोसीन (CYTOSINE) के साथ संयुक्त होता है। क्षारक के ये युग्म पूरक क्षारक (COMPLEMENTARY BASE) कहलाते हैं।
  5. A व T के बीच दो हाइड्रोजन बंध तथा G व C के बीच तीन हाइड्रोजन बंध होते हैं। एक DNA कुण्डली में एक पूरा कुण्डलीय घुमाव 3.4Nm (नैनोमीटर) या 34 Å के लम्बा होता है। इस पूरे घुमाव में 10 क्षारक युग्म होते हैं। प्रत्येक क्षारक युग्म परस्पर 0.34 nm (3.4Å) दूरी से पृथक्कृत होते हैं। दोहरे कुण्डलित DNA अणु का व्यास 2nm होता है। वाटसन व क्रिक मॉडल इस बात की भलीभाँति व्याख्या करता है कि किस प्रकार अणु DNA के दो तंतु, प्रतिकृति (REPLICATION) व अनुलेखन (TRANSCRIPTION) के दौरान पृथक होकर पुनः कुंडलित हो सकते हैं।

(more…)

By hamidali, ago
error: Content is protected !!