विद्युत क्षेत्र एवं विद्युत बल रेखाएँ

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विद्युत क्षेत्र की परिभाषा (Definition of electric field)

आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें किसी अन्य आवेश को ले जाने पर आवेश के प्रभाव को महसूस किया जा सकता है। विद्युत क्षेत्र कहलाता है।

जैसे कि हमारे पास यदि कोई धनात्मक आवेश है, तो उसके पास ऋणात्मक आवेश लेकर जाते हैं। तो वह उसकी ओर आकर्षित होता है। अतः उस आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके आकर्षण बल को हम महसूस कर सकते हैं। वह उसका विद्युत क्षेत्र कहलाता है।

विद्युत क्षेत्र के बारे में सर्वप्रथम फैराडे के द्वारा बताया गया था।

किसी आवेश के विद्युत क्षेत्र को निम्न सूत्र से ज्ञात किया जा सकता है

यहाँ

F = आवेशित कण पर लगने वाला बल

q = कण का आवेश

विद्युत क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए विद्युत विभव, विद्युत तीव्रता तथा बल रेखाओं का प्रयोग किया जाता है।

E=\frac{F}{q}

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (Electric field intensity)

किसी आवेश द्वारा परीक्षण आवेश पर निकाले जाने वाले बल को उस आवेश के विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहा जाता है।

परीक्षण आवेश एक काल्पनिक आवेश होता है। जो अपने पास रखें किसी भी आवेश पर कोई बल नहीं लगाता। लेकिन पास रखें आवेश के द्वारा लगाए गए बल को यह महसूस कर सकता है। इसे q0 से दर्शाते है।

अतः विद्युत क्षेत्र

\vec{E}=\frac{\vec{F}}{q_{0}} \overrightarrow{\mathrm{E}}=\lim _{\mathrm{q}_{0} \rightarrow 0} \frac{\overrightarrow{\mathrm{F}}}{\mathrm{q}_{0}}=\frac{\mathrm{kq}}{\mathrm{r}^{2}} \hat{\mathrm{r}}=\frac{\mathrm{kq}}{\mathrm{r}^{3}} \overrightarrow{\mathrm{r}}

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विद्युत क्षेत्र का मात्रक एवं विमा (Units and dimensions of electric field)

इसका मात्रक न्यूटन / कूलॉम या वोल्ट / मीटर  होता है तथा विद्युत क्षेत्र का  विमीय सूत्र [M1L1T–3A–1] या  [MLT–3A–1] होता है।

 

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के गुण (Properties of electric field intensity))

  • यह एक सदिश राशि है।
  • इसकी दिशा धनात्मक आवेश द्वारा अनुभव किये गये बल की दिशा के समान होती है।
  • धनात्मक आवेश द्वारा विद्युत क्षेत्र की दिशा सदैव इससे दूर होती है।  ऋणात्मक के कारण विद्युत क्षेत्र की दिशा सदैव इसकी ओर होती है।
  • धनात्मक आवेश पर वैद्युत बल विद्युत क्षेत्र की दिशा में होता है तथा ऋणावेश पर विपरीत दिशा में होता है।
. \overrightarrow{\mathrm{E}}=\mathrm{q} \overrightarrow{\mathrm{E}}

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  • विद्युत क्षेत्र की तीव्रता अध्यारोपण सिद्धान्त का पालन करती है।
  • किसी बिन्दु पर किसी आवेश निकाय के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता आवेशों के कारण क्षेत्र तीव्रतओं के सदिश योग के बराबर होता है।

विद्युत बल रेखाएँ (Electric force lines)

वह मार्ग जिस पर विद्युत क्षेत्र में रखा हुआ एक स्वतंत्र धन आवेश चलने की कोशिश करता है विद्युत बल रेखाएं कहलाती है।

दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं, कि वह रेखा जिस के किसी बिंदु पर अगर हम स्पर्श रेखा खींचते तो यह स्पर्श रेखा उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करती है।

यदि किसी धन आवेशित वस्तु के पास एक स्वतंत्र धन आवेश लाया जाता है। तो प्रतिकर्षण के कारण वह सीधी रेखा की दिशा में उस वस्तु से दूर भागता चला जाएगा। जब तक की उस धन आवेश पर लगने वाला विद्युत बल की मात्रा शून्य हो जाए।

यदि हम धन आवेशित वस्तु के स्थान पर ऋण आवेशित वस्तु रख देते हैं। तो यह प्रक्रिया विपरीत होगी अथार्त वह स्वतंत्र धन आवेश अनंत से आरंभ होकर उस वस्तु की ओर विद्युत बल रेखाओं के मार्ग पर गमन करेगा।

विद्युत बल रेखाओं के गुण ( Properties of electric force lines)

  1. यह रेखाएं एक दूसरे को कभी काटती नहीं है।
  2. ये रेखाएं सदैव आवेशित कण चालक की सतह से समकोण बनाती हुई शुरू होती है या अंत होती है
  3. यह धन आवेशित वस्तु से प्रारंभ होकर ऋण आवेशित वस्तु पर समाप्त होती है
  4. यह लंबाई में सिकुड़ने का प्रयास करती हैं, जिसके कारण ही विपरीत आवेशों की वस्तुओं में आकर्षण होता है
  5. विद्युत बल रेखाएं आपस में प्रतिकृषित होती है जिसके कारण ही सामान आवेश वाली वस्तुओं में प्रतिकर्षण होता है

बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (Electric field intensity due to electric charge a point charge)

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हम कल्पना करते हैं कि हमारे पास एक बिंदु आवेश q है जो बिंदु O पर स्थित है।  इस बिंदु O से  r दूरी पर एक अन्य बिंदु P है। जहां पर परीक्षण आवेश q0 रखा हुआ है तो कलाम के नियमानुसार परीक्षण आवेश q0 पर लगने वाला बल

\vec{F}=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q q_{0}}{r^{2}} \hat{r}

 

Note –>> \hat{r} यह एक इकाई सदिश राशि है जिसकी दिशा q से q0 होती है

 

अतः बिंदु पर आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता

\vec{E}=\frac{\vec{F}}{q_{0}} \mathrm{E}=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q}{r^{2}} \hat{r} 

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