यूग्लिनोइड के सामान्य लक्षण एवं जनन

Euglenoid in Hindi, यूग्लिनोइड, यूग्लीना

यूग्लिनोइड (Euglenoid)

(Euglena =यूग्लीना Oid = समान)

यह एककोशिकीय यूकैरियोट हैं। यह क्लोरोफिल युक्त कशाभिक (chlorophyllous flagellate ) प्रोटिस्ट का समूह है।

यूग्लिनोइड के सामान्य लक्षण (Common Characteristics of Euglinoids)

इसके सामान्य लक्षण निम्न है-

  1. ये एककोशिकीय (unicellular) कशाभिक (flagellate) प्रोटिस्ट होते हैं, जो जल या नम मृदा में पाए जाते हैं। इनमें से अधिकांश अलवण जलीय जीव स्थिर जल में पाए जाते हैं।
  2. इनका शरीर तर्कुरूपी (spindle shaped ) होता है। जो अग्र तथा पश्च सिरे पर नुकीला होता है।
  3. इसमें कोशिका भित्ति (Cell wall) अनुपस्थित होती है, लेकिन इनमें प्रोटीन का आवरण होता है जो पेरिप्लास्ट या पेलिकल (periplast or pellicle) कहलाता है।
  4. गमन कशाभिक द्वारा होता हैं।
  5. कोशिका में एक लम्बा फीते जैसा कशाभ (स्टिकोनेमेटिक / stichonematic) होता है, जो अग्रस्थ सिरे पर उत्पन्न होता है। वास्तव में इनमें दो कशाभिक होते हैं, किन्तु दोनों में से एक अपह्वासित हो जाता है।
  6. कशाभ इनकी कोशिका की सतह पर पाया जाने वाले बाल जैसी संरचना होती है।
  7. लम्बे कशाभ में आधार पर दो शाखाएँ होती है, प्रत्येक में इनका स्वयं का आधारी कण होता है। दो कशाभिका के जुड़ने के क्षैत्र में प्रकाशसंवेदी (photosensitive) पराकशाभिकीय काय (paraflagellar body) होता है।
  8. मायोनीम तीर्यक होते हैं, किन्तु समानान्तर रूप से पेलिकल में पट्टियाँ होती है, यूग्लीनाॅइड मायोनीम की सहायता से संकुचन तथा विस्तरण की क्रीपिंग गति निभाते हैं, जिसे मेटाबोलि या यूग्लीनाॅइड गति कहते हैं।
  9. कोशिका के शीर्षस्थ सिरे में तीन भिन्न भागों वाला इनवेजिनेशन होता है, जो कि मुख (साइटोस्टोम / (cytostome), नाल (गुलेट या साइटोफेरिंक्स / gullet or cytopharynx ) तथा जलाशय (reservoir) है। यूग्लीनायह ठोस भोज्य कणों का अंतरग्रहण करता है।
  10. स्टिग्मा (Stigma)  या नेत्र बिन्दु (eye spot ) पराकशाभिकीय काय (paraflagellar body) के स्तर पर जलाशय की झिल्ली के साथ जुड़ा होता है। यह प्रकाश उद्धीपक के प्रत्यक्षण में भाग लेता है। इसमें प्रकाश संवेदी लाल-नारंगी वर्णक होते हैं, जिन्हे एस्टेजेन्थिन (astaxanthin) कहते हैं।
  11. प्रोटोप्लास्ट के केन्द्र के समीप एक बड़ा केन्द्रक होता है।
  12. यूग्लीना में पोषण प्रकाशसंश्लेषी स्वपोषी होता है। यद्यपि यह प्रकाश की अनुपस्थिति में पाचक एन्जाइमों का स्त्रावण कर मृत व सडे़-गले कार्बनिक पदार्थों से भी पोषण प्राप्त करने सक्षम होता है। पोषण की यह दोहरी विधि मिक्सोट्रोफीक कहलाती है।
  13. यूग्लीना में होलोजोइक पोषण अनुपस्थित होता है। प्रकाशसंश्लेषी वर्णक पर्णहरित a पर्णहरित b जैन्थोफिल तथा b- केरोटीन है।

यूग्लिनोइड में जनन (Reproduction in Euglinoids)

अनुकूल परिस्थिति में ये मुख्यतया लम्बवत् द्विविखण्डन द्वारा प्रजनन करते हैं।

प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान भेदन हेतु पाल्मेला अवस्था तथा सिस्ट बनते हैं। इनकी कोशिका जल का निष्कासन करके सिकुड़ कर एक कठोर दृढ़ आवरण वाली संरचना बनाती है। जो सिस्ट या पुट्टी कहलाती है।

यूग्लीनाॅइड्स में लैंगिक प्रजनन होता है, या नहीं यह ज्ञात नहीं है।

उदा.-यूग्लीना तथा पेरानीमा।

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