विलयन का सान्द्रण व्यक्त करने की विधियाँ

विलयन का सान्द्रण व्यक्त करने की विधियाँ Methods of Expressing the Concentration of a Solution in Hindi

विलयन का सान्द्रण व्यक्त करने की विधियाँ (Methods of Expressing the Concentration of a Solution)

किसी विलयन की सान्द्रता को निम्नलिखित रूप से व्यक्त करते हैं-

द्रव्यमान प्रतिशत (Mass percentage)

किसी विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत विलयन के 100 भागों में विलेय के भागों की संख्या है जो द्रव्यमान (mass) के अनुसार विलेय रहती है। उदाहरण के लिए, द्रव्यमान के अनुसार 5% सुक्रोज के 100g ग्राम जलीय विलयन में  5g सुक्रोज उपस्थित है।

आयतन प्रतिशत (Volume percentage)

किसी विलयन का आयतन प्रतिशत  विलयन के 100 भागों में विलेय के भागों की संख्या है जो आयतन (Volume) के अनुसार विलेय रहती हैं उदाहरण के लिए  आयतन के अनुसार 25% एथिल ऐल्कोहॉल के 100 cm3 जलीय विलयन में 25cm3 एथिल ऐल्कोहॉल तथा 75cm3 जल है।

नॉर्मलता (Normality)

किसी विलयन की नॉर्मलता उसके एक लिटर विलयन में उपस्थित विलेय के ग्राम तुल्यांको की संख्या है। इसे N द्वारा दर्शाते हैं।

गणितीय रूप में

\text { नॉर्मलता }=\frac{\text { ग्राम प्रति लिटर में विलेय का द्रव्यमान }}{\text { विलेय ग्राम तुल्यांक द्रव्यमान }}

इस विलयन में एक ग्राम तुल्यांक पदार्थ प्रति लीटर होता है। जिस विलयन में  ग्राम तुल्यांक प्रति लिटर विलेय पदार्थ होता है उसे सेमीनॉर्मल विलयन कहते हैं तथा जिस विलयन में पदार्थ की मात्रा  ग्राम तुल्यांक होता है उसे डेसीनॉर्मल और  ग्राम तुल्यांक वाला विलयन सेन्टीनॉर्मल कहलाता है।

\text { नॉर्मलता }=\frac{\text { विलेय का द्रव्यमान } \times 1000}{\text { विलेय का तुल्यांक द्रव्यमान } \times \mathrm{V}}

यहाँ V मिलीलिटर में आयतन है।

 

मोलरता

किसी विलयन की मोलरता उसके एक लीटर में विलेय, विलेय पदार्थ के मोलों की संख्या है। इसे M द्वारा दर्शाते हैं।

\text { मोलरता }=\frac{\text { ग्राम प्रति लिटर में विलेय का द्रव्यमान }}{\text { विलेय का ग्राम आण्विक द्रव्यमान }}

उदाहरणार्थ, यदि किसी विलेय पदार्थ को एक ग्राम आणविक द्रव्यमान एक लिटर विलयन में विलेय हो तो उस विलयन की मोलरता 1M होगी यह तथ्य याद करने योग्य है कि विलयन की नार्मलता एवं मोलरता तापक्रम में परिवर्तन के साथ परिवर्तित होती है।

 


मोललता (m)

किसी विलयन की मोललता प्रति 1000gm विलायक में विलेय, विलेय के मोंलों की संख्या है। इसे m द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

\text { मोललता }=\frac{\text { ग्राम प्रति किलोग्राम में विलेय का द्रव्यमान }}{\text { विलेय का आण्विक द्रव्यमान }}

जिस विलयन के 1000gm ग्राम विलायक में एक मोल विलेय घुला रहता है उसकी मोललता एक होती है तथा विलयन को मोलल विलयन कहते हैं। इसकी इकाई मोल प्रति किलोग्राम (mol kg–1) होती है। एक विलयन की मोललता तापक्रम परिवर्तन के साथ परिवर्तित नहीं होती है।

 

मोल प्रभाज (Mole fraction)

मोल प्रभाज किसी एक घटक (विलेय या विलायक) के मोलों की संख्या तथा विलयन में उपस्थित कुल मोलों की संख्या (विलेय तिा विलायक) का अनुपात होता है।

मान लो किसी विलयन में दो घटक A और B जिनके क्रमशः a ग्राम और b ग्राम विलयन में उपस्थित हैं तथा MA और  MB क्रमशः घटक A और B के आणविक द्रव्यमान हैं।

तो A के मोलों की संख्या nA =

\mathrm{n}_{\mathrm{A}}=\frac{\mathrm{a}}{\mathrm{M}_{\mathrm{A}}}

B के मोलों की संख्या nB =

\mathrm{n}_{\mathrm{B}}=\frac{\mathrm{b}}{\mathrm{M}_{\mathrm{B}}}

A और B के मोलां की कुल संख्या = nA + nB

A का मोल प्रभाज

X_{A}=\frac{n_{A}}{n_{A}+n_{B}}

B का मोल प्रभाज

X_{B}=\frac{n_{b}}{n_{A}+n_{B}}

 

विलयन के दोनों घटकों, विलेय का विलायक के मोल प्रभाजों का योग सदैव एक होता है।

X_{A}+X_{B}=\frac{n_{A}}{n_{A}+n_{B}}+\frac{n_{B}}{n_{A}+n_{B}}=1

अतएव यदि द्विअंगी विलयन के एक घटक का मोल प्रभाज ज्ञात हो XB तब दूसरे घटक मोल प्रभाज XA = 1 – XB होगा। यहाँ यह ध्यान देने योग्य है कि ताप में परिवर्तन से मोल प्रभाज के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है

 

मोल प्रतिशतता (Mole percent)

विलेय एवं विलायक के कुल 100 मोल में घटक के मोलो की संख्या मोल प्रतिशतता कहलाती है।

मोल प्रतिशतता = मोल प्रभाज X 100

उदाहरण के लिए

यदि एक विलयन में 8 मोल NH3 एवं 12 मोल H2O हों, तो

NH3 मोल प्रभाज XNH3

=\frac{8 \text { mole }}{12 \text { mole }+8 \text { mole }}=\frac{2}{5}

NH3 की मोल प्रतिशतता

=\frac{2}{5} \times 100=40 \mathrm{~mole} \%

फॉर्मलता (Formality)

किसी विलयन की फॉर्मलता एक लीटर विलयन में विलेय आयनिक विलेय पदार्थ के ग्राम सूत्रा द्रव्यमान की संख्या होती है। इसे  F द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

\text { फॉर्मलता }=\frac{\text { आयनिक विलेय का ग्राम में प्रति लीटर द्रव्यमान }}{\text { विलेय का सूत्र का द्रव्यमान }}

सामान्यतया आयनिक ठोस जो अणुओं के रूप में नहीं बल्कि आयन जालक के रूप में होते हैं। उनकी सान्द्रता को व्यक्त करने के लिए फार्मलता पद का उपयोग करते हैं।

 

द्रव्यमान प्रभाज (Mass fraction)

यदि विलयन में घटक A का द्रव्यमान WA एवं घटक B का द्रव्यमान WB है, तो घटक A एवं B के द्रव्यमान प्रभाज को निम्नवत् लिखा जाता है –

A का द्रव्यमान प्रभाज

=\frac{W_{A}}{W_{A}+W_{B}}

B का द्रव्यमान प्रभाज

=\frac{W_{B}}{W_{A}+W_{B}}

अंश प्रति दस लाख (Parts per million, ppm)

जब विलयन में विलेय की मात्रा अत्यन्त सूख्म हो तब इस इकाई का प्रयोग उस विलयन की सान्द्रता व्यक्त करने में किया जाता है। यह किसी विलयन में उपस्थित विलेय के द्रव्यमान का अंश तथा प्रति लाख विलायक का द्रव्यमान का अनुपात होता है।

\text { अंश प्रति दस लाख }=\frac{\text { विलेय का द्रव्यमान }}{\text { विलायक का द्रव्यमान }} \times 10^{6}

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