विलयन

Solution in Hindi, विलयन, Vilayan Chemistry, विलेय और विलायक को परिभाषित कीजिए

विलयन (Solution)

दो या दो से अधिक शुद्ध पदार्थों का समांगी मिश्रण (homogeneous mixture) जिसका संघटन (composition) कुछ सीमा के बीच परिवर्तनीय होता है, उसे विलयन कहते हैं।

विलयन के अभिलक्षण (Characteristics of Solution)

  1. यह प्रकृति में समांगी (homogeneous) होता है फिर भी, अपने अवयवों (constituents) के गुण रखता है।
  2. यह दो भागों का बना होता है यानि इसमें एक विलेय (solute) एवं दूसरा विलायक (solvent) होता है।
  3. जिस घटक की भौतिक अवस्था (physical state) विलयन में शुद्ध पदार्थ के समान होती है, उसे विलायक (solvent) कहते हैं और दूसरे को विलेय (solute) कहा जाता है। उदाहरण, शक्कर और जल के विलयन में शक्कर विलेय (solute) एवं जल विलायक (solvent) है।
  4. यदि दोनों घटकों (components) की विलयन में भी समान अवस्था (same state) रहती है तो जो घटक (component) अधिक मात्रा में होता है उसे विलायक और दूसरे को विलेय कहते हैं। उदाहरण- जल में ऐल्कोहॉल, टॉलुईन में बैंजीन इत्यादि

विलयनों के प्रकार (Types of Solution)

 

विलेय (solute) विलायक (solvent) उदाहरण (Examples)
1. गैस गैस गैसों को मिश्रण, वायु
2. गैस द्रव वायु में जलवाष्प
3. गैस ठोस कपूर या नैफ्थेलीन जैसे पदार्थ के वाष्पन से ठोस का गैस में विलयन प्राप्त होता है
4. द्रव गैस वायु का जल में विलयन, CO2 का जलीय विलयन (सोडा वाटर)
5. द्रव द्रव ऐल्कोहॉल का जल में विलयन
6. द्रव ठोस शक्कर का जल में विलयन
7. ठोस गैस धातुओं का गैसों पर अधिशोषण ;जैसे CO2 का च्क पर अधिशोषण)
8. ठोस द्रव हाइड्रेटेड लवणों में उपस्थित क्रिस्टलन जल
9. ठोस ठोस दो या दो से अधिक धातुओं के समांगी मिश्रण

 

द्रवों की मिश्रणता का कारण (Cause of Miscibility of Liquids)

  1. रासायनिक रूप से समान द्रव एक-दूसरे में घुल जाते हैं, उदाहरण सभी एल्केन एक-दूसरे से सभी अनुपातों में मिश्रणीय है क्योंकि ये अधु्रवीय (non-polar) होते हैं।
  2. धु्रवीय द्रव (polar liquid) भी एक-दूसरे में घुल जाते हैं। उदाहरण निम्नतर ऐल्कोहॉल जल में।
  3. द्विध्रुव-द्विध्रव अन्योन्य (Dipole interactions) क्रिया जैसे- जल और ईथर, जल एवं फिनॉल
  4. द्रवों का आणविक आकार (Molecular size) जो एक-दूसरे में मिश्रणीय होते हैं लगभग समान होता हैं

 

विलेयता (Solubility)

किसी निश्चित ताप 25°C पर 100 ग्राम विलायक (solvent) में विलेय (solute)  की जो अधिकतम मात्रा घुल सकती है, उसे ताप पर उसकी विलेयता (Solubility) कहते हैं।

 

एक विलेय की विलायक में विलेयता निम्न मुख्य कारकों पर निर्भर करती है

विलेय की प्रकृति (Nature of the solute)

विलेय आयनिक है या सहसंयोजी (ionic or covalent) दुसरे शब्दों में धु्रवीय है या अधु्रवीय ((polar or non-polar))।

विलायक की प्रकृति (Nature of the solute)

जैसे उच्च डाइ-इलेक्ट्रिक स्थिरांक (high dielectric constant) के साथ धु्रवीय या अधु्रवीय (polar or non-polar) ।

तापमान (temperature)

तापमान बढ़ने से विलेय की विलेयता बढ़ती है ;उदाहरण KNO3, NH4Br आदि। लेकिन कुछ दशाओं में विलेयता में परिवर्तन नगण्य होता है ;जैसे NaCl और कुछ लवणों की दशा में ;जैसे निर्जल Na2SO4 ,एवं CeSO4 मेंद्ध तापमान बढ़ने के साथ विलेयता घटती है।

 


Keywords –

  1. विलेय और विलायक को परिभाषित कीजिए
  2. विलेय का परिभाषा
  3. Solution in Hindi
  4. विलयन कितने प्रकार के होते हैं
  5. विलेय पदार्थ किसे कहते हैं
  6. विलायकों का वर्गीकरण
  7. विलयन के गुण
  8. विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक

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