भारत सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण (Universalisation of Secondary Education) तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण केंद्र प्रायोजित योजना थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक विद्यार्थी को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समान अवसरों वाली माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराना था।
शिक्षा के अधिकार (Right to Education) के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण के बाद माध्यमिक शिक्षा को भी सभी विद्यार्थियों तक पहुँचाना आवश्यक हो गया था। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान वर्ष 2009 में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) को लागू किया।
यह अभियान विशेष रूप से 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर केंद्रित था।
1. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का अर्थ (Meaning of RMSA)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एक केंद्र प्रायोजित शैक्षिक योजना (Centrally Sponsored Scheme) थी, जिसका उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा को सर्वसुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समान अवसरों पर आधारित बनाना था।
इस योजना के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों की संख्या बढ़ाना, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा सामाजिक एवं आर्थिक बाधाओं को दूर करना प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए थे।
2. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की शुरुआत (Launch of RMSA)
- योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई।
- इसे 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रारंभ किया गया।
- यह सम्पूर्ण भारत में लागू की गई थी।
- इसका मुख्य उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण (Universalisation of Secondary Education) था।
- इस अभियान के अंतर्गत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को विशेष रूप से लक्षित किया गया।
- माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
3. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रमुख उद्देश्य (Objectives of RMSA)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे:
1. माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
देश के सभी विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना।
2. विद्यालयों की उपलब्धता
प्रत्येक विद्यार्थी को उसके निवास स्थान से उचित दूरी के भीतर माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध कराना।
3. नामांकन दर में वृद्धि
पाँच वर्षों के भीतर माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio – GER) को 75 प्रतिशत तक पहुँचाना।
4. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
विद्यालयों में निर्धारित शैक्षिक मानदंडों का पालन सुनिश्चित करके शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया (Teaching-Learning Process) को प्रभावी बनाना।
5. लैंगिक समानता
शिक्षा में महिला एवं पुरुष के बीच असमानता तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना।
6. सामाजिक एवं आर्थिक बाधाओं को दूर करना
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना।
7. दिव्यांग विद्यार्थियों को अवसर
दिव्यांगता के कारण शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को कम करना।
8. विद्यालयों में ठहराव सुनिश्चित करना
विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा पूरी करने तक विद्यालय में बनाए रखना तथा ड्रॉपआउट दर (Dropout Rate) को कम करना।
4. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रमुख लक्ष्य (Targets of RMSA)
इस अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए थे:
- पाँच वर्षों के भीतर कक्षा 9 एवं 10 के लिए सकल नामांकन अनुपात को 75 प्रतिशत तक बढ़ाना।
- वर्ष 2017 तक माध्यमिक शिक्षा को सार्वभौमिक बनाना।
- वर्ष 2020 तक सभी विद्यार्थियों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत ठहराव सुनिश्चित करना।
- प्रत्येक विद्यार्थी को उसके निवास स्थान से 5 किलोमीटर की परिधि में माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध कराना।
- उच्च माध्यमिक विद्यालय की उपलब्धता के लिए 7–10 किलोमीटर की दूरी का मानदंड निर्धारित करना।
- विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं (Infrastructure Facilities) का विकास करना।
- योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- शिक्षा में सामाजिक, आर्थिक एवं लैंगिक असमानताओं को समाप्त करना।
5. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के भौतिक लक्ष्य (Physical Targets)
11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान इस अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित भौतिक लक्ष्य निर्धारित किए गए थे:
| क्रमांक | भौतिक लक्ष्य | निर्धारित संख्या |
| 1 | मौजूदा माध्यमिक विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण | 44,000 |
| 2 | नए माध्यमिक विद्यालय खोलना | 11,000 |
| 3 | अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति | 1.79 लाख |
| 4 | अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण | 80,500 |
| 5 | अतिरिक्त विद्यार्थियों के नामांकन की सुविधा | लगभग 32.20 लाख |
इन लक्ष्यों के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों की उपलब्धता और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार करना था।
6. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की वित्तीय व्यवस्था (Funding Pattern)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच वित्तीय जिम्मेदारी का विभाजन किया गया था।
11वीं पंचवर्षीय योजना
- केंद्र सरकार का हिस्सा – 75 प्रतिशत
- राज्य सरकार का हिस्सा – 25 प्रतिशत
12वीं पंचवर्षीय योजना
- केंद्र सरकार का हिस्सा – 50 प्रतिशत
- राज्य सरकार का हिस्सा – 50 प्रतिशत
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए
11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के लिए वित्तीय सहायता का अनुपात 90:10 निर्धारित किया गया था।
महत्वपूर्ण तथ्य: 12वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र एवं राज्य सरकार का वित्तीय योगदान 50:50 था, जबकि 11वीं पंचवर्षीय योजना में यह 75:25 था।
7. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की प्रशासनिक परिषद् (Administrative Council of RMSA)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रभावी संचालन एवं निगरानी के लिए एक प्रशासनिक परिषद् (Administrative Council) का प्रावधान किया गया था।
इसकी संरचना निम्नलिखित थी:
1. अध्यक्ष (Chairperson)
मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार।
2. उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson)
सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार।
3. सदस्य (Members)
प्रशासनिक परिषद् के प्रमुख सदस्यों में निम्नलिखित शामिल थे:
- योजना आयोग का सचिव।
- वित्त विभाग का सचिव।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का सचिव।
- जनजातीय कार्य मंत्रालय का सचिव।
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का सचिव।
- पंचायती राज मंत्रालय का सचिव।
- महिला एवं बाल विकास विभाग का सचिव।
- पेयजल विभाग का सचिव।
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का सचिव।
- सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव।
- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) के निदेशक।
- राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (NUEPA) के कुलपति।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अध्यक्ष।
- अभियान के लिए समय-समय पर मनोनीत अन्य विशेषज्ञ।
4. सदस्य सचिव (Member Secretary)
संयुक्त सचिव, माध्यमिक शिक्षा।
8. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की कार्ययोजना (Action Plan of RMSA)
इस अभियान की कार्ययोजना में विद्यालयों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया था।
प्रमुख कार्ययोजना निम्नलिखित थी:
- प्रत्येक बालक एवं बालिका के लिए 5 किलोमीटर की परिधि में माध्यमिक विद्यालय की स्थापना करना।
- 7–10 किलोमीटर की परिधि में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना करना।
- पाँच वर्षों में सकल नामांकन दर को 75 प्रतिशत करना।
- वर्ष 2017 तक सभी बालक-बालिकाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराना।
- वर्ष 2020 तक शत-प्रतिशत विद्यालयी ठहराव सुनिश्चित करना।
- आर्थिक एवं सामाजिक असमानता तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना।
- कक्षा 8 उत्तीर्ण विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता बढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स (Bridge Course) का आयोजन करना।
- स्कूल मैपिंग (School Mapping) के आधार पर कम लाभान्वित क्षेत्रों में नए विद्यालय खोलना।
- दुर्गम क्षेत्रों में 5 किलोमीटर की दूरी संबंधी मानदंड में आवश्यक छूट प्रदान करना।
- विद्यालयों को आवश्यक भौतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
- सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण (In-service Teacher Training) की व्यवस्था करना।
- दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
- विद्यालयों को शिक्षण-अधिगम सामग्री (Teaching-Learning Material) उपलब्ध कराना।
- विद्यालयों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।
- विद्यार्थियों के लिए खेलकूद सामग्री की व्यवस्था करना।
9. राजस्थान में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA in Rajasthan)
राजस्थान में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् (Rajasthan Secondary Education Council) का गठन किया गया।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
- गठन की तिथि – 3 सितम्बर, 2009।
- मुख्यालय – शिक्षा संकुल, जयपुर।
- कार्यक्षेत्र – राजस्थान के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय।
- प्रमुख कार्य – राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का राज्य स्तर पर संचालन एवं क्रियान्वयन।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् द्वारा राज्य में माध्यमिक शिक्षा के विकास, विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से संबंधित कार्य किए गए।
10. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का महत्व (Importance of RMSA)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान भारतीय शिक्षा व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण रहा। इसके माध्यम से माध्यमिक शिक्षा को अधिक व्यापक एवं समावेशी बनाने का प्रयास किया गया।
इसके प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं:
- माध्यमिक विद्यालयों की संख्या में वृद्धि।
- ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की उपलब्धता।
- विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास।
- शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहन।
- बालिका शिक्षा को बढ़ावा।
- सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा के अवसर।
- विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी लाने का प्रयास।
- माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।
- शिक्षा में समानता एवं समावेशिता को बढ़ावा।
11. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
| प्रश्न | उत्तर |
| RMSA का पूरा नाम क्या है? | Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan |
| RMSA की शुरुआत कब हुई? | 2009 |
| यह किस प्रकार की योजना थी? | केंद्र प्रायोजित योजना |
| इसका मुख्य उद्देश्य क्या था? | माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण |
| लक्षित आयु वर्ग कौन-सा था? | 14–18 वर्ष |
| माध्यमिक विद्यालय की दूरी का मानदंड क्या था? | 5 किलोमीटर |
| उच्च माध्यमिक विद्यालय की दूरी का मानदंड क्या था? | 7–10 किलोमीटर |
| 11वीं योजना में केंद्र-राज्य अनुपात क्या था? | 75:25 |
| 12वीं योजना में केंद्र-राज्य अनुपात क्या था? | 50:50 |
| राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् का गठन कब हुआ? | 3 सितम्बर, 2009 |
| परिषद् का मुख्यालय कहाँ है? | शिक्षा संकुल, जयपुर |
| 11वीं योजना के दौरान कितने नए माध्यमिक विद्यालय खोलने का लक्ष्य था? | 11,000 |
| अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का लक्ष्य कितना था? | 80,500 |
12. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) की शुरुआत कब की गई थी?
(A) 2005
(B) 2007
(C) 2009
(D) 2012
उत्तर: (C) 2009
प्रश्न 2. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान किस प्रकार की योजना थी?
(A) राज्य प्रायोजित योजना
(B) केंद्र प्रायोजित योजना
(C) निजी योजना
(D) स्थानीय योजना
उत्तर: (B) केंद्र प्रायोजित योजना
प्रश्न 3. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् का गठन कब किया गया था?
(A) 3 सितम्बर, 2007
(B) 3 सितम्बर, 2008
(C) 3 सितम्बर, 2009
(D) 3 सितम्बर, 2010
उत्तर: (C) 3 सितम्बर, 2009
प्रश्न 4. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद् का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) अजमेर
(B) जोधपुर
(C) बीकानेर
(D) शिक्षा संकुल, जयपुर
उत्तर: (D) शिक्षा संकुल, जयपुर
प्रश्न 5. 12वीं पंचवर्षीय योजना में RMSA के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य का वित्तीय अनुपात कितना था?
(A) 75:25
(B) 80:20
(C) 70:30
(D) 50:50
उत्तर: (D) 50:50
प्रश्न 6. 11वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र एवं राज्य का वित्तीय अनुपात कितना था?
(A) 50:50
(B) 75:25
(C) 90:10
(D) 60:40
उत्तर: (B) 75:25
प्रश्न 7. RMSA के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालय की दूरी का मानदंड कितना था?
(A) 2 किलोमीटर
(B) 3 किलोमीटर
(C) 5 किलोमीटर
(D) 10 किलोमीटर
उत्तर: (C) 5 किलोमीटर
प्रश्न 8. RMSA के अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय की दूरी का मानदंड कितना था?
(A) 2–5 किलोमीटर
(B) 5–7 किलोमीटर
(C) 7–10 किलोमीटर
(D) 10–15 किलोमीटर
उत्तर: (C) 7–10 किलोमीटर
प्रश्न 9. RMSA के अंतर्गत 11वीं पंचवर्षीय योजना में कितने नए माध्यमिक विद्यालय खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था?
(A) 5,000
(B) 8,000
(C) 11,000
(D) 15,000
उत्तर: (C) 11,000
प्रश्न 10. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
(A) उच्च शिक्षा का विकास
(B) प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
(C) माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
(D) तकनीकी शिक्षा का विकास
उत्तर: (C) माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
निष्कर्ष (Conclusion)
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) भारत में माध्यमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी। इस अभियान ने माध्यमिक विद्यालयों की उपलब्धता, शैक्षिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षक प्रशिक्षण तथा सामाजिक समानता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया।
इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना नहीं था, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण माध्यमिक शिक्षा प्रदान करना तथा उसे विद्यालय में बनाए रखना भी था।
अतः राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान भारतीय शिक्षा व्यवस्था में समानता, गुणवत्ता एवं सार्वभौमिक शैक्षिक अवसरों की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
परीक्षा उपयोगी नोट
यह लेख RMSA के ऐतिहासिक योजना-प्रावधानों एवं पंचवर्षीय योजना के संदर्भ पर आधारित है। वर्तमान में RMSA को समग्र शिक्षा (Samagra Shiksha) के अंतर्गत समाहित किया जा चुका है। इसलिए पुराने वित्तीय अनुपात एवं वर्ष 2017/2020 के लक्ष्यों को ऐतिहासिक संदर्भ में ही समझें।