फल एवं इसके प्रकार (FRUITS AND THEIR TYPES)
[wpsm_titlebox title=”Contents” style=”1″][contents h2 h3 h4 h5][/wpsm_titlebox]
फल की परिभाषा ( Definition of Fruit)
पादप का मुख्य अंग है। फल का निर्माण निषेचन(FERTILIZATION) के पश्चात जायांग के अण्डाशय(OVARY) से होता हैं।
सभी पादपों में फल का निर्माण अंडाशय से होता है। ऐसे फलो को सत्य फल या यूकार्प ((TRUE FRUITS) कहा जाता है। जैसे-आम, मक्का, अंगूर आदि।
कुछ पादपों में अंडाशय के अलावा पुष्प के अन्य हिस्सों जैसे बाह्यदलपुंज (CALYX), दलपुंज (COROLLA) पुष्पासन (THALAMUS) से भी फल विकसित होता है। ऐसे फल को आभासी फल(FALSE FRUITS)या स्युडो-कार्प कहते है। उदाहरण-काजू, सेब, नाशपाती, लौकी और ककड़ी आदि ।
फल एवं इसके प्रकार (FRUITS AND THEIR TYPES)
फल की संरचना(STRUCTURE OF FRUITS)
एक फल में फलभित्ती (PERICARP) (Pericarp) और बीज होते हैं।
अंडाशय की दीवार से फलभित्ती (PERICARP) विकसित होती है।
फलभित्ती को बाह्य फलभित्ती (Epicarp), मध्य फलभित्ती (Mesocarp) और अन्तः फलभित्ती (Endocarp) में विभेदित किया जाता है।
बीज का निर्माण निषेचन के बाद बिजाण्ड (OVULE) से होता हैं। बिजाण्ड का बीजावरण (SEED COAT) फलभित्ती के पास होता है।
बाह्य फलभित्ती (Epicarp) – यह सबसे बाहरी स्त्तर होता है। जो पतला नरम या कठोर होता है। यह फल का छिलका बनती है।
मध्य फलभित्ती (Mesocarp)– यह मोटी गूदेदार तथा खाने योग्य होती है, जैसी की आम का मध्य का पीला खाने योग्य भाग लेकिन नारियल में रेशेदार जटा होती है।
अन्तः फलभित्ती (Endocarp)- यह सबसे भीतरी स्तर है आम नारियल बेर में यह कठोर लेकिन खजूर, संतरा में पतली झिल्ली के रूप में होती है। बीजावरण अन्तः फलभित्ती के पास होता है।
फल एवं इसके प्रकार (FRUITS AND THEIR TYPES)
फलों के प्रकार (TYPES OF FRUITS):
(1) सरल फल(SIMPLE FRUITS)
ऐसा फल पुष्प के एकल अंडाशय(OVARY) से विकसित होता है, यानि पुष्प के जायांग (GYNOECIUM) से केवल एक ही फल बनता है।
एक प्रकार के पुष्प का अंडाशय एकाण्डपी(MONOCARPELLARY) या बहुअण्डपी(POLYCARPELLARY)तथा युक्ताण्डपी(SYNCARPOUS)हो सकता है।
(2) पुंज फल (AGGREGARE FRUITS)
ऐसा फल बहुअण्डपी(POLYCARPELLARY) तथा वियुक्ताण्डपी(APOCARPOUS) अंडाशय(OVARY) से विकसित होता है, यानि पुष्प के अलग-अलग अंडाशय (OVARY) से अलग-अलग फल बनते है। एक प्रकार पुष्पासन पर अनेक सरल या एकल फलों का गुच्छा बन जाता है।
(3) संग्रथिल फल (COMPOSITE FRUITS)
ये आभासी फल होते है। इनके निर्माण में बाह्यदलपुंज (CALYX), दलपुंज (COROLLA) पुष्पासन (THALAMUS) भी भाग लेते है।
इन्हें भी पढ़ें
- विभिन्न प्रकार के पुष्पक्रम (Different Types of Inflorescence Hindi)
- पुष्पीय पादपो में लैंगिक जनन
- लघुबीजाणुजनन तथा परागकण
- गुरुबीजाणुजनन एवं भूर्णकोष
- मूल/ जड़- बाह्य आकारिकी, रूपांतरण तथा कार्य मूल तंत्र (Root Morphology)
- तना – बाह्य आकारिकी, प्रकार एवं रूपांतरण
- पत्ती की संरचना, प्रकार एवं रूपान्तरण | Morphology of Leaf
- विभिन्न प्रकार के पुष्पक्रम (Different Types of Inflorescence Hindi)
- पुष्प शारीरिक एवं आकरिकी (Flower anatomy and morphology)
- एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना
- द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना
- पादपों में द्वितीयक वृद्धि
बाहरी कड़ियां
- Top 10 Video Editing Software to Make Professional Videos
- What Is Digital Marketing? How Can You Start it?
- How to get high-quality backlinks for a website
- Amazon पर खरीदिए https://amzn.to/3pkLW4l
ऑनलाइन लेक्चर वीडियो
[rh_get_post_thumbnails video=1 height=200 justify=1]
यदि आपको फल एवं इसके प्रकार (FRUITS AND THEIR TYPES) लेख पसंद आया हो और आप चाहते है, की हम ऐसे ओर भी पोस्ट हिंदी में डाले तो आप इस पोस्ट को अपने facebook पर share करना ना भूले।
आपका एक share हमारे लिए तथा अन्य Biology Lovers के लिए फायदेमंद हो सकता है।
Pingback: कार्बोहाइड्रेट एवं इसके प्रकार (Carbohydrates and types of carbohydratyes)
Hello sir i am your old student from NEW RAJASTHAN SENIOR SECONDARY SCHOOL FATEHPUR