द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना

द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot and Monocot Root Hindi)

द्विबीजपत्री मूल की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot Root)

द्वि बीजपत्री जड़ में निम्नलिखित भाग दिखाई देते हैं-

मूलीय त्वचा (Epiblema)

यह सबसे बाहरी एकल स्तरीय, अंतर कोशिकीय स्थल विहीन कोशिका की परत है। इस पर रंध्र व उपत्वचा (Cuticle) नहीं पाए जाते। इस पर एक कोशिकीय मूलरोम पाए जाते हैं।

वल्कुट (Cortex)

यह बहुस्तरीय मृदुत्तकी कोशिकाओं का बना होता है। इस में अंतर कोशिका अवकाश पाए जाते हैं। यह जल व खनिज लवणों का संवहन पूल (Vascular Bundle) तक परिवहन करता है। इसमें वर्णी लवक व मंण्ड कण पाए जाते हैं।

एण्डोडर्मिस (Endodermis)

यह वल्कुट की सबसे भीतरी परत है। यह ढोलक के आकार की कोशिकाओं की बनी होती है। कैस्पेरियन पट्टीकाएँ व मार्ग कोशिकाएं पाई जाती है।
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot and Monocot Root Hindi)

परिरम्भ (Pericycle)

यह एंडोडर्मिस के अंदर की ओर पाया जाता है। यह मृदुत्तकी कोशिकाओं का बना होता है। पार्श्व मूलो का निर्माण परिरम्भ के द्वारा होता है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान का बने अंतरा पुलिया एधा का निर्माण भी इसी के द्वारा ही होता है।

संवहन पूल (Vascular Bundle)

जड़ों में अरीय, बाह्यआदिदारूक (Exarch) प्रकार की संवहन पूल पाए जाते हैं।

मज्जा (Pith)

मज्जा बहुत छोटी या अनुपस्थित होती है।
 
 

एकबीजपत्री मूल की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Monocot Root)

एकबीजपत्री जड़ में निम्नलिखित भाग दिखाई देते हैं-

मूलीय त्वचा (Epiblema)

यह पतली लंबी चपटी कोशिकाओं का बना एकल स्तर है। इन पर मूल रोम पाए जाते हैं जो एक कोशिकीय होते हैं इन पर रंध्र एवं उप त्वचा अनुपस्थित होती है। मूल रोम के द्वारा जल का अवशोषण किया जाता है। यह मूल के पुराने भागों में अनुपस्थित होते है।

वल्कुट (Cortex)

यह मूलीय त्वचा के नीचे स्थित होती है। यह खाद्य पदार्थ व जल का संचय करती है। यह मृदुतकी कोशिकाओं से बनी होती है। इनमें अंतरा कोशिकीय अवकाश पाए जाते हैं।
जड़ों के परिपक्व होने पर मूल त्वचा नष्ट हो जाती है। जिसके कारण वह वल्कुट की कोशिकाएं लिग्निन युक्त होकर बाह्य मूलीय त्वचा का निर्माण करती हैं। जिसे एक्सोडर्मिस कहते हैं।
 
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot and Monocot Root Hindi)

एण्डोडर्मिस (Endodermis)

यह वल्कुट का सबसे आंतरिक भाग है। यह ढोलक के आकार की कोशिकाओं का बना होता है। इसमें अंतर कोशिकीय अवकाश नहीं पाए जाते।
इनकी कोशिकाओं में कैस्पेरियन पट्टीयां कहां पाई जाती है। परंतु परिपक्व कोशिकाओं में कैस्पेरियन पट्टीकाएँ अनुपस्थित होती है। इनमें प्रोटोजाइलम के सामने की कोशिकाएं मार्ग कोशिकाओं का निर्माण करती है।
 

परिरम्भ (Pericycle)

यह अंतस्त्वचा के नीचे पतली भित्ति वाली मृदुत्तकी कोशिकाओं का एक परत है। इसे पार्श्व मूल की उत्पत्ति होती है।
 

संवहन पूल (Vascular Bundle)

जड़ों में अरीय बाह्यआदिदारुक व बंद प्रकार के संवहन बंडल पाए जाते हैं।
एकबीजपत्री के फ्लोएम में फ्लोएम मृदुतक अनुपस्थित होता है।

संयोजी उत्तक (Conjuctive Tissue)

संवहन पुल के मध्य में मृदुतकी कोशिकाएं पाई जाती है। जो संयोजी उत्तक कहलाती है। इनकी कुछ कोशिकाएं दृढ़ोत्तकी होकर यांत्रिक बल प्रदान करती है।

मज्जा (Pith)

संवहन पुल के मध्य में मृदुतकी कोशिकाओं का एक समूह पाया जाता है। जिसे मज्जा कहते हैं, इसमें अंतरा कोशिकीय अवकाश उपस्थित होते हैं।
एकबीजपत्री जड़ में बड़ी एवं मज्जा सुविकसित होती है।
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री जड़ की आंतरिक संरचना (Internal Structure of Dicot and Monocot Root Hindi)
 

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बाहरी कड़ियाँ

  1. image source – toperlerning.com
  2. aliseotools.com/blog

 

2 Comments
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  1. Thankkyou

  2. sir kya ap 1st year botany ke question bata sakte ho kya

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