पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants) | Aliscience

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants)

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants)

पौधों में पानी का अवशोषण जड़ों के द्वारा होता है। भूमि में जल का प्रमुख स्रोत वर्षा होती है।

वर्षा जल को दो भागों में विभक्त कर सकते हैं-

  1. अपवाहित जल (run away water)
  2. मृदा जल (soil water)

अपवाहित जल (runoff water)

वह जल जो बहकर जलाशयों में चला जाता है।

मृदा जल (soil water)

वह जल जो रिस-रिस कर भूमि में समाहित हो जाता है। मृदा जल कहलाता है।

इसको चार भागों में विभक्त किया जा सकता है-

गुरुत्वीय जल (gravitational water)

गुरुत्वाकर्षण के कारण भूमि मे गहराई में चला गया जल।यह पादप के लिए उपलब्ध नहीं होता।

आद्रताग्राही जल (hygroscopic water)

यह जल मिट्टी के कणों की सतह द्वारा अधिशोषीत होता है। यह पादपों के लिए उपलब्ध नहीं होता।

रासायनिक बंधित जल (chemically bound water)

मृदा के कणों में उपस्थित लवणों से रसायनिक अभिक्रिया द्वारा जुड़ा जल l। यह भी पौधों के लिए उपलब्ध नहीं होता।

केशिका जल (capillary water)

मिट्टी के कणों के मध्य उपस्थित रिक्त स्थान में पाया जाने वाला जल। यह जल पादप के लिए उपयोगी होता है।

मृदा में उपस्थित जल के लिए तीन टर्म काम में लिए जाते हैं-

होलार्ड (Holard)

मृदा में उपस्थित संपूर्ण जल की मात्रा।

क्रेसार्ड (Chresard)

मृदा में पाया जाने वाला वह जल जो पौधों के लिए उपयोगी होता है।

ईकार्ड (Echard)

मृदा में पाया जाने वाला वह जल जो पौधों के लिए अनुपयोगी होता है।व्

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants Hindi)

जल अवशोषण के अंग (Organ Of Water Absorption In Plants)

जल का अवशोषण उच्च श्रेणी के पादपों में जड़ों के द्वारा होता है। जबकि निम्न श्रेणी के पादपों में राइजोइड (rhizoid) के द्वारा होता है।
एक जड़ के प्रमुख चार क्षेत्र होते हैं-

मूल गोप (root cap)

विभज्योतकी क्षेत्र के सुरक्षा का कार्य करता है।

विभज्योतक क्षेत्र (meristematic region)

इस क्षेत्र की कोशिकाएं विभाजन करके कोशिका की संख्या में वृद्धि करती है।

दिर्घीकरण क्षेत्र (elongation region)

इस क्षेत्र की कोशिकाएं आकार में वृद्धि करके मूल की लंबाई में वृद्धि करती है।

परिपक्व क्षेत्र (maturation region)

इस क्षेत्र की कोशिकाएं परिपक्व (mature) हो जाती है।इनमें वृद्धि भी नहीं होती। इन पर मूल रोम (root hair) पाए जाते हैं। जिनके द्वारा जल का अवशोषण होता है।

मूल रोम द्वारा जल के अवशोषण की क्रिया विधि (Mechanism Of Water Absorption)

मूल रोम (root hair) के द्वारा जल का अवशोषण दो प्रकार से किया जाता है-

  1. निष्क्रिय अवशोषण (passive absorption)
  2. सक्रिय अवशोषण (active absorption)

निष्क्रिय अवशोषण (active absorption)

यदि जल का अवशोषण बिना ऊर्जा (energy) के उपयोग के होता है।तो इसे निष्क्रिय अवशोषण कहते हैं। इसमें जल अपने उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता (high concentration to low concentration) की ओर गमन करता है।

सक्रिय अवशोषण (active absorption)

इस प्रकार के जल अवशोषण में जल सांद्रता प्रवणता (concentration gradient) के विपरीत यानी के निम्न सांद्रता से उच्च सांद्रता(low concentration to high concentration) की ओर गमन करता है। इसमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

जल अवशोषित होने के पश्चात इसे मूल रोम से जाइलम तक पहुंचाया जाता है। जिसका पथ निम्न प्रकार होता है-

मूल रोम (root hair) बाह्य त्वचा (Epiblama) वल्कुट (cortex) एंडोड्रमिस (endodermis) परिरम्भ (pericycle) जाइलम (xylem)

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants)

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants)

Source – Biologyreader.com

 

जल अवशोषण का मार्ग (Path Of Water Absorption)

मूल रोम द्वारा अवशोषित जल का जाइलम तक पहुंचाना अरिय परिवहन कहलाता है। इसके तीन पथ होते हैं

एपोप्लास्ट पथ (apoplast path)

यदि जल का प्रवाह है। मूल रोम से जाइलम तक वल्कुट की कोशिका भित्ति तथा कोशिका झिल्ली के मध्य स्थित रिक्त स्थान से होता है तो इसे एपोप्लास्ट पथ कहते हैं।

सिंप्लास्ट पथ (symplast paath)

इस प्रकार के पथ में कोशिका द्रव्य तथा प्लाज्मोडेमेटा के द्वारा होता है। यह जीवित मार्ग होता है।

रसधानी पथ (vacuolar path)

इसमें जल का प्रवाह है वल्कुट की कोशिकाओं में उपस्थित रसधानी (vacuole) के माध्यम से होता है। मूल रोम से जल कोशिकाओं की रसधानी (vacuole) में प्रवेश कर जाता है। जहां से यह प्रवाहित होकर अन्य कोशिका में चाहता है।

पादपों में जल का अवशोषण (Water Absorption In Plants)

Source – Biology-pages.info

एंडोडर्मिस में कैस्पेरियन पट्टीका (casparian strips) होने के कारण जल आगे की ओर गमन नहीं कर पाता। अतः यह सिंप्लास्ट पथ में बदल जाता है। और मार्ग कोशिकाओं (passage cells)के द्वारा यह परिरम्भ (pericycle) तक पहुंचता है। जो जाइलम के सामने स्थित एंडोडर्मिस की कोशिकाएं होती है। इनमें कैस्पेरियन पटिया नहीं पाई जाती।

 

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लेक्चर वीडियो

बाहरी कड़ियाँ

pcbmbooks.weebly.com

 

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  1. पादपों में जल का अवशोषण
  2. Water Absorption In Plants Hindi
  3. Apoplast and Symplast in Hindi
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