पत्ती की आंंतरिक संरचना

पत्ती की आंंतरिक संरचना (Internal Structure of Leaf in Hindi)

द्विबीजपत्री (Dicot ) पौधे में पाई जाने वाली पत्तियां पृष्ठाधारी पर्ण (Dorsiventral leaf) कहलाती है।  तथा एकबीजपत्री (Monocot) पौधे में पाई जाने वाली पत्तियां पृष्ठाधारी पर्ण (Isobilateral leaf) कहलाती है।

आइए इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

द्विबीजपत्री / पृष्ठाधारी पर्ण की संरचना (Structure of Dorsiventral / Dicot leaf )

द्विबीजपत्री पर्ण की क्रॉस काट में निम्न भाग दिखाई होते हैं।

अधिचर्म/ एपिडर्मिस (Mesophyll)

ऊपरी तथा नीचली सतहे एपिडर्मिस द्वारा आवरित होती है।

अधिचर्म की कोशिकाएँ मृदूत्तकीय (Parenchymatous) होती है, तथा अन्तर कोशिकीय अवकाश (Intercellular Space) अनुपस्थित होते है।

इसमें रन्ध्र (Stomata) प्रायः पत्ती की नीचली सतह पर होते हैं। ऐसी पत्तियाँ हाइपोस्टोमेटिक (Hypostomatic) कहलाती है। इनमें रन्ध्रों (Stomata) की द्वार कोशिकाएं (Guard Cells) वृक्काकार (Kidney Shaped) होती है।

एपिडर्मल कोशिकाओं की बाह्य भित्ति मोटी तथा क्युटिनीकृत (Cuticular) होती है, जो जल की हानि को रोकती है।

पर्ण मध्योत्तक (Mesophyll)

दोनों एपिडर्मल परतों के बीच अनेक मृदुत्तकीय कोशिकाएँ (Parenchymatous) होती है, जो पर्ण मध्योत्तक बनाती है।

द्विबीजपत्रियों में पर्णमध्योत्तक की दो भिन्न परते होती है।

खम्भ ऊत्तक (Palisade Tissues)

ऊपरी परत दृढ़ रूप से व्यवस्थित स्तम्भाकार कोशिकाओं की बनी होती है, जिसमें अत्यधिक हरितलवक होते हैं।

स्पॉन्जी ऊत्तक (Sponge Tissues)

अनियमित आकृति की निम्नतर परत जिसमें कुछ हरितलवक होते हैं।

संवहन पुल (Vascular Bundle)

पर्ण में संवहन पूल मध्य शिरा तथा शिराओं में स्थित होते हैं।

संवहन पुल संयुक्त ( Conjoint), कोलेटरल (Collateral) तथा बन्द (Closed) प्रकार के होते हैं। पुल मृदूत्तकीय कोशिकाओं की जटिल परतों द्वारा घिरी होती है, जिसे पूल आच्छद (Bundle Sheath) कहते हैं।

जाइलम (प्रोटोजाइलम) ऊपरी एपिडर्मिस की ओर तथा फ्लोएम नीचली एपिडर्मिस की ओर स्थित होता है।

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पत्ती की आंंतरिक संरचना (Internal Structure of Leaf in Hindi)

 

एकबीजपत्री / समद्विपार्श्विक पत्ती की संरचना (Structure of Monocot / Isobilateral leaf)

द्विबीजपत्री पर्ण के समान यह भी तीन प्रकार के ऊत्तकों में विभेदित हो सकता है

अधिचर्म / एपिडर्मिस (Epidermis)

यह ऊपरी तथा निचली एपिडर्मिस की बनी होती है,इन की कोशिकाएँ मृदूत्तकी (Parenchymatous) होती है, तथा अधिचर्म की कोशिकाओं में अन्तर कोशिकीय अवकाश (Intercellular Space) अनुपस्थित होते है।

एपिडर्मिस को ऊपरी सतह (एडेक्जियल सतह) तथा नीचली सतह (एबेक्जियल सतह) भी कहा जाता है।

दोनो ही एपिडर्मिस रन्ध्रों की समान संख्या होती है। ऐसी पत्तियाँ एम्फिस्टोमेटिक (Amphistomatic) कहलाती है।

इनमें रन्ध्रों (Stomata) की द्वार कोशिकाएं (Guard Cells) डम्बलाकार (Dumble Shaped) होती है।

दोनों ही एपिडर्मल परते क्युटिनिकृत (Cuticular) होती है।

कुछ घासों उदा.-पोआ, मक्का, सामा में एपिडर्मल कोशिकाएँ पतली भित्तियों के साथ बड़ी होती है, जिन्हे मोटर या बुलिफॉर्म कोशिकाएँ (Bulliform  Cells) कहते हैं।

ये कोशिकाएँ पत्तियों के घुमने तथा नहीं घुमने में सहायक है।

पर्ण मध्योत्तक (Mesophyll)

पर्णमध्योत्तक कोशिकाएँ खम्भ ऊत्तक (Palisade) तथा स्पॉन्जी (Sponge) मृदुत्तक में विभेदित नहीं होती है। पर्ण मध्योत्तक कोशिकाएँ मृदूत्तक कोशिकाओं की बनी होती है, जिनमें हरिलवक होते हैं।

संवहन (Vascular Bundle)

ये समान्तर क्रम में व्यवस्थित होते हैं।

संवहन बंडल संयुक्त (Conjoint), कोलेटरल (Collateral) , बन्द (Closed) प्रकार के होते हैं, जो पूल आच्छद (Bundle Sheath) द्वारा घिरे होते हैं।

जाइलम ऊपरी सतह (एडेक्जियल सतह) की ओर तथा नीचली सतह (एबेक्जियल सतह) की ओर होती है।

 

क्रेन्ज एनाटोमी (Krang Anatomy)

एकबीजपत्री (Monocot) / पृष्ठाधारी पर्ण (Isobilateral leaf) में पूलाच्छद की कोशिकओं में ऐसे हरितलवक पाये जाते है जिनमें ग्रेना नहीं होते इस गुण को क्रेन्ज एनाटोमी (Krang Anatomy) कहते है ये प्रकाश संश्लेषण से  चक्र से सम्बन्धित है।

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पत्ती की आंंतरिक संरचना (Internal Structure of Leaf in Hindi)

पत्ती की आंंतरिक संरचना (Internal Structure of Leaf in Hindi)

 


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Hamid Ali
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