कोशिका चक्र एवं चेकपॉइंट द्वारा इसका नियमन (Cell Cycle in Hindi)

Hello Biology Lovers कोशिका चक्र हमारे ब्लॉग का शीर्षक कोशिका चक्र एवं चेकपॉइंट द्वारा इसका नियमन (Cell Cycle in Hindi) है। कोशिका चक्र  एक आवश्यक जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिकाएँ विभाजित होकर खुद को द्विगुणित करती इसे कोशिका चक्र कहा जाता हैं।

कोशिका चक्र द्वारा एक कोशिका से दो कोशिकाओं का निर्माण होता हैं।

एक कोशिकीय जीवों में कोशिका चक्र एक नए जीव के साथ समाप्त होता है।
जबकि बहुकोशिकीय जीवों में यह अनिवार्य रूप से कोशिका विभाजन करके विभिन्न कार्यों को पुर्ण करता हैं।
कोशिका चक्र G1, S, G2 और M चार चरणों में संपन्न होता है –
G1 अवस्था( G1 Phase):- यह अन्तरालावस्था( Gap Phase) है इसमे कोशिका की वृद्धि तीव्र गति से होती है। कोशिका विभाजन द्वारा बनने के बाद प्रत्येक संतति कोशिका की G1 अवस्था प्रारम्भ हो जाती है। इस अवस्था डी एन ए का संश्लेषण (DNA Replication) नहीं होता लेकिन आर एन ए, प्रोटीन, एवं डी एन ए का संश्लेषण करने वाले एन्जाइमो का संश्लेषण होता है।
S अवस्था(Synthetic Phase): – इस अवस्था में डी एन ए अणुओं का संश्लेषण होता है। जिसके कारण केन्द्रक में डी एन ए का आयतन पहले से दुगना हो जाता है। इस अवस्था में प्रत्येक क्रोमैटिन तंतु की दो प्रतियाँ बन जाती है, इन्हें क्रोमैटिड्स या अर्धगुणसूत्र कहते हैं।
G2 अवस्था (G2 Phase): – यह द्वितीय अन्तरालावस्था (Gap Phase) है इस अवस्था में नये कोशिकांग बनते हैं। इसमें कोशिका विभाजन में काम आने वाले प्रोटीन और आर एन ए का संश्लेषण होता हैं।
M अवस्था (Mitotic Phase):- इस अवस्था में कोशिका विभाजन संपन्न होता।
G 0 अवस्था (G0 Phase)- कोशिका चक्र जब किसी अवस्था में रुक जाता है इसे G0 अब कहते हैं।

कोशिका चक्रCell Cycle in Hindi Photo Source- Wikimedia

कोशिका चक्र चेकपॉइंट (Cell Cycle Checkpoint): –
अधिकांश यूकेरियोटिक कोशिकाओं में तीन चेकपॉइंट होते हैं

प्रथम चेकपॉइंट (First Ckeckpoint): – इसे प्रतिबंध बिंदु (Restriction Point) भी कहते है यह जी 1 अवस्था के अन्तिम समय में होता है इसमें कोशिका को S अवस्था में जाने के लिए तैयार किया जाता हैं

कोशिका विभाजन को प्रारम्भ करने का निर्णय तब होता है जब कोशिका cyclin-CDK- पर निर्भर अनुलेखन को सक्रिय करता है जो S चरण में प्रवेश को बढ़ावा देता है।

द्वितीय चेकपॉइंट- यह जी 2 / M चेकपॉइंट है जहां नियमन (Regulation) होता है इस चेकपॉइंट में यह सुनिश्चित किया जाता है कि गुणसूत्र का द्विगुणन (Duplication) हो चुका है या नहीं तथा द्विगुणन के दौरान कोई डी एन ए खण्ड नष्ट नही हुआ हो।

तृतीय चेकपॉइंट – यह मेटाफ़ेज़ से एनाफ़ेज़ के मध्य होता है, जहां सिस्टर क्रोमेटिड (अर्धगुणसूत्र) पृथक होने को उत्तेजित किया जाता है।

• कोशिका की एक नियंत्रण प्रणाली इन चेकपॉइंट में से प्रत्येक के माध्यम से कोशिका के अंदर या बाहर की समस्याओं का पता लगाया जाता समस्या होने पर  कोशिका विभाजन की प्रगति को रोक दिया जाता  है|
• उदाहरण के लिए यदि कोशिका किसी कारण से डीएनए प्रतिकृति को पूरा नहीं कर सकी है तो कोशिका चक्र जी 2 / M  चेकपॉइंट पर रुक जाता है जब तक की उन डी एन ए की प्रतिकृति पुरी नहीं हो जाती।

सभी चेकपॉइंट पर कोशिका चक्र को नियमित करते का कार्य दो प्रोटिन समुह के द्वारा किया जाता है जिन्हें cyclins and cyclin-dependent kinases (Cdks) कहते है।

Cell Cycle in Hindi

Photo Source- Wikimedia

 

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