अधिगम के प्रकार

अधिगम के प्रकार (Types of Learning)

सामान्यतः अधिगम के तीन प्रकार है-

  1. संज्ञानात्मक/ज्ञानात्मक अधिगम (Cognitive / Knowledgeable Learning)
  2. क्रियात्मक अधिगम (Conative/ Functional learning)
  3. भावात्मक अधिगम (Affective learning)

 

1. संज्ञानात्मक / ज्ञानात्मक अधिगम (Cognitive Learning)

इस प्रकार के अधिगम का संबंध ज्ञान से है। अथार्त अधिगमकर्ता (Learner) अपने ज्ञान में बढ़ोतरी करता है। इस प्रकार के अधिगम में ज्ञान अर्जित करने की सभी विधियाँ सम्मिलित है।

संज्ञानात्मक अधिगम के तीन प्रकार हैं-

  • प्रत्यक्षात्मक अधिगम
  • प्रत्यात्मक अधिगम
  • साहचर्यात्मक अधिगम

 

A) प्रत्यक्षात्मकअधिगम (Perceptual Learning)

मूर्त वस्तुओं को देखकर, छूकर, या सुनकर सीखना प्रत्यक्षात्मक अधिगमहै। यह शिशु या बाल्यावस्था में पाया जाता है। इसका संबंध Id से होता है।

 

B) प्रत्यात्मक अधिगम (Conceptual Learning)

किसी विषय वस्तु के बारे में अमूर्त चिंतन, कल्पना या तर्क-वितर्क के आधार पर सीखना प्रत्ययात्मक अधिगम कहलाता है। यह किशोरावस्था की विशेषता है। तथा इसका संबंध ego से है।

 

C) साहचर्यात्मक अधिगम (Associated Learning)

समान अधिगम परिस्थितियों में एक अधिगम प्रक्रिया के साथ दूसरे अधिगम को भी जोड़ जा सकता है। यानि के पहले से सीखे गये अनुभव या ज्ञान के आधार पर नया ज्ञान सीखना।

जैसे थार्नडाइक के प्रयोग में भूखे बिल्ली का यदि खाना ऊपर रख दिया जाए तो बिल्ली को खड़ा रखना रहना सिखाया जा सकता है।

 

2. क्रियात्मक अधिगम (Conative/ Functional learning)

यह क्रिया से संबंधित अधिगम है। इसे मनोदैहिक अधिगम भी कहते है। विभिन्न प्रकार की क्रियाओं (जैसे तैरना सीखना, सिलाई सीखना, खाना बनाना, नृत्य, संगीत, ड्राइंग आदि) के माध्यम से होने वाला अधिगम क्रियात्मक अधिगम कहलाता है। यह अधिगम कला में निपुण बनाता है।

 

3. भावात्मक अधिगम (Affective learning)

यह जीव की भावनाओं से संबंधित अधिगम है। यदि किसी बालक को चित्र, रंग, संकेत, आकृति, लुभावनी वस्तु, संवेग शब्द आदि को आधार मानकर सिखाया जाता है तो यह भावनात्मक अधिगम कहलाता है। जैसे ट्रैफिक के सिग्नल को देख कर गाड़ी को रोकना सीखना, जीवविज्ञान में चित्रों के माध्यम से सिखाना आदि।

 

अधिगम के भेद (Differences of learning)

अधिगम के तीन भेद होते हैं-

  1. वाचिक अधिगम
  2. गत्यात्मक अधिगम
  3. समस्या समाधान अधिगम

 

1. वाचिक अधिगम

यह शब्द, भाव, संकेत आदि के आधार पर होता है।

 

2. गत्यात्मक अधिगम

विभिन्न प्रकार की क्रिया आधारित अधिगम है।

 

3. समस्या समाधान अधिगम

समस्या का ज्ञान, योजना निर्माण, सही योजना का चयन, योजना की क्रियान्विति, तथ्यों सूचनाओं अथवा आंकड़ों का संग्रहण, संग्रहित आंकड़ों का विश्लेषण, विश्लेषण पर आधारित निष्कर्ष तथा परिणाम समस्या समाधान अधिगम के विभिन्न अंगहै ।

 

अधिगम के सिद्धांत तथा नियम

रॉबर्ट गैने के अधिगम के प्रकार (Types of Learning According to Robert Gaine)

रॉबर्ट गैने ने अधिगम के आठ प्रकार बताएं है। जिन्हें सरल से जटिल की ओर आरोही क्रम में निम्न प्रकार से व्यवस्थित किया जा सकता है।

संकेत अधिगम>उद्दीपक अनुक्रिया> श्रंखला अधिगम >शाब्दिक अधिगम> विभेदअधिगम> संप्रत्यय अधिगम >सिद्धांत >समस्या समाधान

 

  1. संकेत अधिगम (Signal Learning)
  2. उद्दीपक अनुक्रिया अधिगम (Stimulus-Response Learning)
  3. श्रंखला अधिगम (Chain/ Series Learning)
  4. शाब्दिक अधिगम (Textual/Verbal Learning)
  5. विभेद अधिगम (Differential/Discrimination Learning)
  6. संप्रत्यय अधिगम (Contextual/ Concept Learning)
  7. सिद्धांत अधिगम (Learning theories/ Principles of Learning)
  8. समस्या समाधान (Problem Solving)

 

अधिगम के पद (Steps of Learning)

  1. प्रेरणा Motivation
  2. प्रतिक्रियाएँ Responses
  3. अवरोध या बांधाएँ Barrier
  4. सुदृढीकरण Reinforcement
  5. अनुभव Experience
  6. लक्ष्य Goal

 

अधिगम की अवधारणाएँ (Concepts of Learning)

अधिगम के लिए मुख्यतया तीन अवधारणाएँ दी गयी जो निम्न है-

  1. व्यवहारवाद (Behaviourism)
  2. संज्ञानवाद (Cognitism)
  3. संरचनावाद (Constructivism)

 

व्यवहारवाद (Behaviourism)

इसके समर्थक थोर्नडाइक, वाटसन, पावलव, हल, स्किनर आदि है। इसमें वस्तुनिष्ठता पर अधिक बल दिया जाता है।

 

संज्ञानवाद (Cognitism)

इस अवधारणा के समर्थक कोहलर, कोफ्का, कुर्ट लेविन, मैक्स वर्दीमर जीन प्याजे आदि है। इसमें मानसिक योग्यताओं तथा क्षमताओं पर अधिक बल दिया जाता है।

 

संरचनावाद (Constructivism)

इसके समर्थक विलियम वुंट, टीचनर, गार्डनर आदि है। इसमें मस्तिष्क की क्रियाओं तथा लगातार प्रयास पर अधिक बल दिया जाता है।

अधिगम का अर्थ एवं विशेषताएँ

 

वेबसाइट कैसे बनाए यहा सीखिए- Click here

Our other website – PCB


If you like this post and want to help us then please share it on social media like Facebook, Whatsapp, Twitter, etc.

 

We will be happy to hear your thoughts

Leave a reply