प्रतिजैविक क्या होते है तथा ये कैसे कार्य करते है? (Antibiotics in hindi) | Aliscience

प्रतिजैविक क्या होते है तथा ये कैसे कार्य करते है?

प्रतिजैविक क्या होते है तथा ये कैसे कार्य करते है? antibiotics in hindi

सूक्ष्मजीवो के द्वारा स्रावित वे रसायनिक पदार्थ जो दूसरे सूक्ष्मजीवो की वृद्धि को रोक देते हैं। प्रतिजैविक कहलाते है।
प्रतिजैविक का अंग्रेजी शब्द Antibiotics Anti  (विरुद्ध) तथा Bio (जीवन) से बना है। जिसका अर्थ है, जीवन के विरुद्ध।
सर्वप्रथम प्रतिजैविक पेनिसिलिन की खोज एलेग्जेंडर फ्लेमिंग द्वारा की गई।

प्रतिजैविक को दो समूह में विभक्त किया जा सकता है।

  1. विस्तृत स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक (Broad spectrum antibiotic)
  2. संकीर्ण स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक (Narrow spectrum antibiotics)

विस्तृत स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक (Broad spectrum antibiotic)

इस प्रकार के प्रतिजैविक ग्राम धनात्मक तथा ग्राम ऋणात्मक दोनों प्रकार के जीवाणुओं को मारने का कार्य करते है। जैसे

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एम्पिसीलिन (Ampicillin)

एंपिसिलिन बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति  पर स्थित पेनिसिलिन-बाइंडिंग प्रोटीन (पीबीपी) से बांधता है, और इस प्रोटीन को निष्क्रिय कर देता है।
पीबीपी की निष्क्रियता के कारण बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति कमजोर हो जाती है और कोशिका नष्ट हो जाती है।

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क्लोरोम्फेनिकॉल (Chloramphenicol)

क्लोरैमफेनिकॉल बैक्टीरिया की कोशिका में प्रवेश करके बैक्टीरिया के 50S राइबोसोम उपइकाई से बंधता है। इसके जुड़ने से प्रोटीन निर्माण की पेप्टिडाइल ट्रांसफरेज़ प्रक्रिया में रुकावट  आती है। जिससे जीवाणु का प्रोटीन संश्लेषण अवरुद्ध हो जाता है, और जीवाणु कोशिका की वृद्धि रुक जाती है।

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अन्य प्रतिजैविक

  1. क्लोरोटेट्रासाइक्लिन (Chlorotetracycline)
  2. डाई मिथाइल क्लोरोटेट्रासाइक्लिन (Di methyl chlorotetracycline)
  3. ऑक्सी क्लोरोटेट्रासाइक्लिन (Oxy chlorotetracycline)
  4. टेट्रासाइक्लिन (Tetracycline)
  5. केनामायसिन  (Kanamycin)
  6. रेफेमिसीन (Rifemicin)
  7. जेनेटामाइसिन (Gentamicin)
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संकीर्ण स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक (Narrow spectrum antibiotics)

इसकी क्रियाशीलता सीमित होती है, यह केवल कुछ ग्राम ऋणात्मक जीवाणुओं को मारने का कार्य करता है।

  1. पेनिसिलिन (Penicillin)
  2. स्ट्रेप्टोमायसीन (Streptomycin)
  3. डाई हाइड्रो स्ट्रेप्टोमायसीन (Di hydro streptomycin)
  4. इरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin)
  5. लिनको मायसीन (Linco mycin)
  6. पॉलीमायसीन (Polyamycin)
  7. कोलीस्टिनी (Colistini)
  8. रिस्टोसिटीन (Restocitin)
  9. अॉलीएंडोमायसीन (Oleindomycin)
  10. वेन्कोमायसीन (Venkomycin)

antibiotics in hindi

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एंटीबायोटिक दवाओं का वर्गीकरण (Classification of Antibiotics)

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प्राप्ति के आधार पर

प्रतिजैविको को सूक्ष्मजीवों से प्राप्ति के आधार पर निम्न भागों में विभक्त कर सकते है-

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जीवाणुओं से प्राप्त

निम्न लिखित प्रतिजैविको को जीवाणुओं से प्राप्त किया जाता है-

क्र.स.प्रतिजैविको (Antibiotic)श्रोत (Source)
1.पॉलीमीक्सिन Polymyxinबेसिलस पोलीमेक्सा:
Bacillus polymyxa:
2.बेकीट्रैकिन Bacitracinक्रोमोबैक्टर वायलेसम: Chromobacter violaceum:
3.जेंटामाइसिन Gentamycinमाइक्रोनोनोस्पोरा जाति:
Micromonospora spp:

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कवकों से प्राप्त

कवकों से निम्न लिखित प्रतिजैविक प्राप्त होती है-

क्र.स.प्रतिजैविको (Antibiotic)श्रोत (Source)
1.पेनिसिलिन

Penicillin

पेनिसिलियम नोटेटम
Penicillium notatum
2.क्लोरैमफेनिकॉल Chloramphenicolस्ट्रेप्टोमाइसिस वेनेज़ुएला
Streptomyces venezuelae
3.रिफाम्पिसिन Rifampicinस्ट्रेप्टोमाइसिस मेडिटेरनी
Streptomyces mediterranae
4.एरिथ्रोमाइसिन Erythromycinस्ट्रेप्टोमाइसिस इरिथ्रस
Streptomyces erythreus
5.स्ट्रेप्टोमाइसिन Streptomycinस्ट्रेप्टोमाइसिस ग्रिअसस
Streptomyces griseus
6.सेफलोस्पोरिन
Cephalosporin
सेफलोस्पोरिन जाति Cephalosporin spp
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कृत्रिम रूप से संश्लेषित:

निम्न लिखित प्रतिजैविको को कृत्रिम रूप से बनाया जाता है-

उदाहरण: Amoxycillin, Ampicillin, Doxycycline, Tigecycline, Sulfonamide आदि। 4-क्विनोलोन, सल्फोनामाइड

 

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कार्य के आधार पर प्रतिजैविक

प्रतिजैविक के जीवाणु पर कार्य के आधार पर दो भागों में बाँटते है

  1. बेक्टिरिसिडल एन्टिबायोटिक
  2. बेक्टिरियोस्टेटीक एन्टिबायोटिक
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बेक्टिरिसिडल एन्टिबायोटिक (Bactericidal Antibiotics)

ये जीवाणुओं को मारने का कार्य करते है। उदाहरण एमिनोग्लाइकोसाइड (Aminoglycosides),  पेनिसिलिन (Penicillin), सिफेलोस्पोरिन (Cephalosporin)

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बेक्टिरियोस्टेटीक (Bacteriostatic)

ये जीवाणुओं को मारते नहीं बल्कि उनकी वृद्धि को रोकने का कार्य करते है। उदाहरण सल्फेनामाइड (Sulfonamide), टेट्रासाइक्लिन (tetracycline), क्लोरमफिनेकोल  chloramphenicol, ट्राईमेथोपरीम (trimethoprim), मेक्रोलिडस (macrolides), लिन्कोसेमाइड (Lincosamide)

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प्रतिजैविक के कार्य (Functions of Antibiotics)

1.   कुछ प्रतिजैविक पेप्टिडोग्लाइकेन संश्लेषण के अवरोधक जो कोशिका भित्ति के निर्माण को रोकते है। बीटा Lactum,  Penicillin, Bacitracin, Cycloserine, Phosphomycin. Cephalosporin, Vancomycin

2.  प्रोटीन संश्लेषण को रोकने वाले एन्टीबायोटिक्स स्ट्रेप्टोमाइसिन एमीनोग्लाइकोसाइड्स फिडिक एसिड टेट्रासाइक्लिन मूपीरोसीन क्लोरमफेनिकॉल मैक्रोलाइड्स

3. न्यूक्लिक अम्ल संश्लेषण को रोकने वाले एन्टीबायोटिक्स क्विनोलोन सिप्रोफ्लोक्सासिन नेलाइडिक एसिडमाइट्रोनिडाज़ोल निट्रोफुरेंटाइन

4. फोलिक एसिड संश्लेषण को रोकने वाले एन्टीबायोटिक्स SulfonamideTrimethoprim

5. कोशिका झिल्ली के संश्लेषण को रोकने वाले एन्टीबायोटिक्स: polymyxin; Colistin

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प्रतिजैविक के शरीर पर दुष्प्रभाव (Side Effects of Antibiotics on Body)

प्रतिजैविक का प्रयोग शरीर में दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) भी उत्पन्न करता है, जैसे ऐथाइनिलएस्ट्राडाइऑल एवं नॉरएथिनड्रॉन जनन क्षमता को कम करती है। साथ ही इनके अत्यधिक सेवन से दस्त लगना, मिचली आना, नींद आना एवं बुखार होना आदि समस्याएँ होती है।

 

इन्हें भी पढ़े – 

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